ABVP कार्यकर्ताओं की बड़ी जीत, SRMU पर दर्ज हुआ गंभीर धाराओं में मुकदमा

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ABVP कार्यकर्ताओं की बड़ी जीत, SRMU पर दर्ज हुआ गंभीर धाराओं में मुकदमा

बिना मान्यता पाठ्यक्रम संचालित करने को लेकर SRMU पर दर्ज हुआ मुकदमा

अपर सचिव, राज्य उच्च शिक्षा ने नगर कोतवाली बाराबंकी में दर्ज कराया मुकदमा

IG और कमिश्नर की संयुक्त रिपोर्ट पर की गई बड़ी कार्यवाही

CM योगी ने दिए थे मामले की जांच के आदेश, 24 घंटे में बड़ी कार्यवाही

कार्यकर्ताओं पर बल प्रयोग किए जाने विषयक बिंदु का भी F.I.R में उल्लेख

राम स्वरूप यूनिवर्सिटी ने आज ही प्रस्तुत किया था BCI का पत्र, देर शाम दर्ज हुआ मुकदमा

अपडेट बाराबंकी SRMU F.I.R प्रकरण

ओजस्वी किरण ब्यूरों

मुकदमा दर्ज किए जाने में कोई विधिक बाधा नहीं है

Writ No. 2758/2025, व्योम गर्ग एवं अन्य बनाम मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य के आदेश का अनुपालन भी विश्वविद्यालय द्वारा नहीं किया जा रहा था, निम्नलिखित विवरण में समग्र वस्तुस्थिति समाहित है।

मुकदमा दर्ज कराने वाले उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा परिषद के अपर सचिव डॉ. दिनेश सिंह ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने 2023-24 और 2024-25 में विधि संकाय (Law Faculty) की कक्षाएं बिना मान्यता के संचालित कीं।

अयोध्या मंडलायुक्त द्वारा की गई जांच में यह तथ्य सामने आया कि सोमवार तक विश्वविद्यालय को विधि संकाय के संचालन की मान्यता प्राप्त नहीं थी, इसके बावजूद प्रवेश और परीक्षाएं कराई गईं।

एसपी बाराबंकी अर्पित विजयवर्गीय ने पुष्टि की है कि विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

Writ No. 2758/2025, व्योम गर्ग एवं अन्य बनाम मध्य प्रदेश राज्य एवं अन्य

न्यायालय: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर उच्च न्यायालय ने छात्रों और संस्थानों के लिए स्पष्टता सुनिश्चित करने हेतु विधि महाविद्यालयों की मान्यता के नवीनीकरण के लिए एक सख्त समय-सीमा और प्रक्रिया निर्धारित की है।

विश्वविद्यालय संबद्धता की समय-सीमा: विश्वविद्यालयों को पिछले कैलेंडर वर्ष की 31 दिसंबर तक महाविद्यालयों के लिए संबद्धता नवीनीकरण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इससे महाविद्यालयों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया में समय पर आवेदन करने में मदद मिलती है।

BCI में कॉलेज का आवेदन: नवीनीकरण चाहने वाले संस्थानों को पिछले कैलेंडर वर्ष की 31 दिसंबर तक भारतीय विधिज्ञ परिषद (बार काउंसिल ऑफ इंडिया – BCI) के पास आवश्यक शुल्क जमा करना होगा। आवेदन निर्धारित प्रारूप में होना चाहिए।

BCI द्वारा सूचना: यदि शुल्क में कोई कमी है, तो BCI को अंतिम तिथि के एक सप्ताह के भीतर संबंधित संस्थान को इसकी सूचना देनी होगी।

BCI द्वारा अंतिम निर्णय: BCI को नवीनीकरण आवेदन पर निर्णय लेना होगा और कैलेंडर वर्ष की 15 फरवरी तक अपने निर्णय की सूचना संस्थान को देनी होगी।

पोर्टल पर अद्यतन: नवीनीकरण की मंजूरी से संबंधित जानकारी कैलेंडर वर्ष के मार्च महीने में BCI के पोर्टल पर अपलोड की जानी चाहिए।

अनुपालन न करने के परिणाम: यदि कोई संस्थान अपने आवेदन में (शुल्क या प्रारूप से संबंधित) कमियों को दिए गए समय के भीतर ठीक नहीं करता है, तो BCI को उसकी मान्यता वापस लेने की स्वतंत्रता होगी।

यदि 31 मार्च तक किसी संस्थान का नाम BCI पोर्टल पर नहीं होता है, तो कॉलेज और सभी संबंधित अधिकारियों को छात्रों को यह सूचित करना होगा कि पाठ्यक्रम केवल “शैक्षणिक उद्देश्य” के लिए होगा।

न्यायालय ने निर्देश दिया है कि यदि भविष्य में कोई संस्थान बिना मान्यता के (शैक्षणिक उद्देश्यों को छोड़कर) प्रवेश देता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।

उक्त से स्पष्ट होता है कि प्रथम सूचना रिपोर्ट समस्त तथ्यों/ साक्ष्यों के अनुसार दर्ज की गई है, विश्वविद्यालय द्वारा जांच दिवस तक पंजीकरण उपलब्ध नहीं कराया गया था जिसके चलते धोखाधड़ी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

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