मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार में लिप्त लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर के एआरटीओ प्रवर्तन को कर दिया निलम्बित
ओजस्वी किरण ब्यूरों लखनऊ
लखनऊ। यूपी परिवहन विभाग ने यह कार्रवाई एसटीएफ की रिपोर्ट दर्ज होने के 48 दिन बाद की है। एसटीएफ ने आरटीओ दफ्तर के कर्मचारियों और अफसरों की साठगांठ से ट्रकों से वसूली करने की जांच की थी। जांच में कई साक्ष्य मिलने के बाद इन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसमें पहले भी यात्री कर अधिकारी समेत कई कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इन तीनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। जांच अधिकारी झांसी के उपपरिवहन आयुक्त केडी सिंह को बनाया गया है।
परिवहन विभाग के विशेष सचिव केपी सिंह ने लखनऊ के एआरटी प्रवर्तन राजीव कुमार बंसल, रायबरेली के एआरटीओ प्रवर्तन अम्बुज और फतेहपुर की पुष्पाजंलि मित्रा को निलम्बित करने का आदेश जारी किया है। परिवहन आयुक्त ने इनके निलम्बन की सिफारिश की थी। इन सभी के खिलाफ एसटीएफ ने जांच कर मौरंग, गिट्टी लदे वाहनों को पास कराने के नाम पर रिश्वत लेने वाले लोगों से मिलीभगत के आरोप को सही बताया था।
इसके बाद ही लखनऊ, रायबरेली, फतेहपुर, उन्नाव समेत कई जिलों में आरटीओ के अफसरों व कर्मचारियों पर एफआईआर कराई गई थी। लखनऊ के मड़ियांव और रायबरेली के लालगंज थाने में 12 नवम्बर को दर्ज एफआईआर में एआरटीओ प्रवर्तन फतेहपुर एआरटीओ पुष्पांजलि मित्रा गौतम, पीटीओ अखिलेश चतुर्वेदी, एआरटीओ रायबरेली अंबुज, पीटीओ रेहाना, एआरटीओ लखनऊ राजीव बंसल और दलाल विनोद समेत कई अन्य नामजद कराए गए थे। 29 नवंबर को पीटीओ और सिपाही निलम्बित हुए।
परिवहन आयुक्त किंजल सिंह ने इस मामले में लखनऊ के पीटीओ मनोज कुमार, रायबरेली की पीटीओ रेहाना बानो व फतेहपुर के अखिलेश चतुर्वेदी को 29 नवम्बर को निलम्बित कर दिया गया था, इन सभी को परिवहन आयुक्त कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया था। इसके अलावा लखनऊ के प्रवर्तन पर्यवेक्षक अनुज, उन्नाव के प्रवर्तन पर्यवेक्षक इंद्रजीत सिंह, उन्नाव के प्रवर्तन सिपाही रंजीत कुमार और प्रदीप सिंह, रायबरेली के प्रवर्तन चालक नौशाद को भी निलम्बित किया जा चुका है। इन सभी की विभागीय जांच उप परिवहन आयुक्त (नगर परिवहन) विजय सिंह कर रहे हैं।”


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