प्रयागराज दौरे पर सीएम योगी: माघ मेला निरीक्षण, संगम स्नान और संतों से संवाद,हिंदू एकता का दिया संदेश
ओजस्वी किरण ब्यूरों प्रयागराज
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जनवरी 2026 को प्रयागराज दौरे के दौरान लगभग छह घंटे प्रवास करते हुए माघ मेला निरीक्षण, संगम स्नान और संतों से संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। उनके साथ जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री सुबह करीब 10:25 बजे बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से वीआईपी घाट गए। स्टीमर के माध्यम से संगम नोज पहुंचकर उन्होंने त्रिवेणी संगम में तीन डुबकी लगाईं और विधिवत गंगा पूजन किया। लगभग 32 मिनट संगम क्षेत्र में रुकने के बाद वे पुनः वीआईपी घाट लौटे और हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया।
संगम स्नान के पश्चात मुख्यमंत्री खाकचौक स्थित सतुआ बाबा आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने जगद्गुरु रामानंदाचार्य के 726वें जन्मोत्सव समारोह में भाग लिया और संत-महात्माओं से विचार-विमर्श किया। इस अवसर पर उन्होंने सनातन परंपरा, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना पर अपने विचार व्यक्त किए। इसके बाद दोपहर 2:05 बजे आईसीसीसी सभागार में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें मकर संक्रांति (14–15 जनवरी) और मौनी अमावस्या (18 जनवरी) के प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और मेला प्रबंधन की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और मेला व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रहे।
इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदू समाज को एकजुट रहने का स्पष्ट संदेश भी दिया। संगम में स्नान के बाद दिए गए बयान में उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रही हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि जाति, मत या संप्रदाय के नाम पर हिंदुओं का विभाजन समाज के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बांग्लादेश जैसे गंभीर मुद्दे पर तथाकथित सेक्युलर ताकतें मौन हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हिंदू समाज संगठित और सजग रहेगा, तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

+ There are no comments
Add yours