40वीं इंदिरा मैराथन की रूपरेखा जारी, 19 नवंबर को दौड़, पुरस्कार राशि बढ़ाने का प्रस्ताव – जिलाधिकारी 

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40वीं इंदिरा मैराथन की रूपरेखा जारी, 19 नवंबर को दौड़, पुरस्कार राशि बढ़ाने का प्रस्ताव – जिलाधिकारी

ओजस्वी किरण ब्यूरों

प्रयागराज : पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न इंदिरा गांधी की 108वीं जयंती पर आयोजित होने वाली देश की सबसे पुरानी व प्रतिष्ठित 40वीं अखिल भारतीय प्राइजमनी इंदिरा मैराथन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सोमवार को जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने विकास भवन सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मैराथन की पूरी रूपरेखा जारी कर दी। उन्होंने बताया कि इस बार भी मैराथन का रूट पिछले वर्षों की तरह ही रहेगा, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

जिलाधिकारी ने पत्रकारों से कहा कि 19 नवंबर को सुबह ठीक 6 बजे आनंद भवन के सामने से फुल मैराथन (42.195 किमी) की दौड़ शुरू होगी और भव्य समापन मदन मोहन मालवीय स्टेडियम में होगा। पूरे रूट पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा ताकि धावकों को किसी तरह की परेशानी न हो। सुरक्षा और सुचारु संचालन के लिए सभी सेक्टरों में मजिस्ट्रेट तैनात किए जाएंगे।

इस बार मैराथन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए पहली बार धावकों को चिप युक्त विब नंबर दिए जाएंगे, जैसा कि विश्व की बड़ी मैराथनों में होता है। इससे समय की सटीक गणना और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि मैराथन की पुरस्कार राशि बढ़ाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा रहा है, जल्द ही इस पर फैसला होने की उम्मीद है।

मैराथन को बेदाग और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे देश से 1500 से अधिक खेल अधिकारी और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रयागराज बुलाए गए हैं। 18 नवंबर से ये सभी अधिकारी शहर पहुंचने लगेंगे और इनकी निगरानी में पूरा आयोजन होगा। सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए गए हैं ताकि धावक और दर्शक पूरी तरह सुरक्षित रहें।

हर बार की तरह इस बार भी लाखों रुपये की इनामी राशि, मेडल, ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। देश-विदेश के टॉप धावक हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि यह मैराथन अब तक की सबसे भव्य, व्यवस्थित और अंतरराष्ट्रीय स्तर की होगी।

शहर में उत्साह का माहौल है। हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर जुटकर धावकों का हौसला बढ़ाएंगे। इंदिरा मैराथन सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि खेल भावना को समर्पित राष्ट्रीय आयोजन और इंदिरा गांधी को श्रद्धांजलि का प्रतीक है।

19 नवंबर को प्रयागराज एक बार फिर दौड़ के रंग में रंगने जा रहा है। तैयार हो जाइए, क्योंकि संगम नगरी इस ऐतिहासिक पर्व का गवाह बनने वाली है।

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