चुनाव आयोग नाम जोड़ने में कर रहा भेदभाव- उज्जवल रमण,सांसद ने एसआईआर पर उठाए सवाल

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चुनाव आयोग नाम जोड़ने में कर रहा भेदभाव- उज्जवल रमण

सांसद ने एसआईआर पर उठाए सवाल

ओजस्वी किरण डेक्स

प्रयागराज। इलाहाबाद लोकसभा क्षेत्र के कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने आज प्रेसवार्ता में एसआईआर पर सवाल खड़े किए हैं। कहा कि 24 प्रतिशत मतदाताओं का नाम प्रयागराज में कट जाना चिंता की बात है। प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि एक पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए उनके ज्यादा लोगों जोड़ा जा रहा है। विपक्ष के लोगों का नाम न जोड़े जाने की साजिश और षड़यंत्र की बू आ रही है। एसआईआर में बड़ी गड़बड़ी की जा रही है। सरकार के इशारे पर कार्य किया जा रहा है। शीतकालीन सत्र में चर्चा हुई लेकिन सरकार ने जब नहीं दिया। विश्वास लोकतंत्र की नींव को मजबूती देता है, लेकिन जनता का विश्वास डगमगा रहा है तो यह चिंता की बात है।

उन्होंने कहा कि हमारे नेता राहुल गांधी पिछले कई वर्षों से भाजपा सरकार के संविधान बदलने के कुत्सित प्रयासों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण और देश हित में जरूरी संघर्ष कर रहे हैं। अगले 100 दिनों में कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेशभर में 30 से ज्यादा संविधान संवाद महापंचायतों के माध्यम से योगी सरकार की असफलताओं जनता के समक्ष उजागर करेगी।

हम अपनी शुरूआत 24 जनवरी 2026 को प्रदेश के जनपद सीतापुर से संविधान संवाद महापंचायत का आगाज करेंगे। तपश्चात लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, सहारनपुर, प्रतापगढ़ होते हुए पूरे प्रदेश में बड़ी महापंचायतों का आयोजन करेंगे।

उज्जवल रमण सिंह ने कहा कि कांग्रेस की यूपीए-1 सरकार ने 02 फरवरी 2006 को ग्रामीण भारत के लिए एक ऐतिहासिक नरेगा अधिनियम को लागू किया था। रोजगार का अधिकर और इतनी बड़ी संख्या में ग्रामीण गरीबों रोजगार उपलब्ध कराने की यह एक विश्व विख्यात योजना थी। मनरेगा ने स्थाई परि संपत्तियों के अलावा रोजगार की गारंटी देकर ग्रामीण मजदूरों का सम्मान बढ़ाया।

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