प्रयागराज में 14 जनवरी से रेलवे स्टेशनों पर लागू होगी ‘वन-वे’ व्यवस्था, संगम स्टेशन रहेगा बंद

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प्रयागराज में 14 जनवरी से रेलवे स्टेशनों पर लागू होगी ‘वन-वे’ व्यवस्था, संगम स्टेशन रहेगा बंद

ओजस्वी किरण ब्यूरों

प्रयागराज माघ मेला में मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या पर उमड़ने वाले भक्ति के सैलाब को सुरक्षित राह देने के लिए रेलवे प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। 13 जनवरी की आधी रात से प्रयागराज के सभी प्रमुख स्टेशनों पर ”वन-वे” फार्मूला प्रभावी हो जाएगा।

इस नई व्यवस्था के तहत अब यात्रियों के लिए स्टेशन में प्रवेश करने और बाहर निकलने के रास्ते अलग-अलग तय कर दिए गए हैं। यानी स्टेशन के जिस दरवाजे से आप अंदर जाएंगे, वहां से बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।

प्रयागराज जंक्शन के लिए जारी गाइडलाइन के अनुसार, यात्रियों को केवल लीडर रोड (सिटी साइड) की तरफ से ही प्रवेश दिया जाएगा। वहीं, ट्रेन से उतरने के बाद बाहर निकलने के लिए यात्रियों को सिविल लाइन्स साइड का उपयोग करना होगा।

मकर संक्रांति से लेकर मौनी अमावस्या की भीड़ को देखते हुए 14 से 20 जनवरी तक सिविल लाइन्स की ओर से प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। अनारक्षित यात्रियों की सुविधा के लिए यात्री आश्रयों के भीतर ही टिकट काउंटर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि उन्हें प्लेटफार्म तक पहुंचने में आसानी हो।

भीड़ नियंत्रण को और प्रभावी बनाने के लिए दारागंज स्थित प्रयागराज संगम स्टेशन को 20 जनवरी तक यात्रियों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसी तरह की ‘एकल दिशा व्यवस्था’ शहर के अन्य स्टेशनों पर भी लागू रहेगी। सूबेदारगंज स्टेशन पर प्रवेश झलवा रोड की तरफ से होगा और निकासी जीटी रोड की ओर से की जाएगी।

छिवकी स्टेशन पर एंट्री के लिए सीओडी रोड का गेट तय है, जबकि वापसी जीईसी रोड की तरफ से होगी। नैनी जंक्शन पर प्लेटफार्म नंबर-एक से प्रवेश मिलेगा और प्लेटफॉर्म नंबर-चार से निकास की सुविधा रहेगी।

मंडल पीआरओ अमित कुमार सिंह के मुताबिक, यह विशेष चौकसी केवल मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या पर ही नहीं, बल्कि बसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा और महाशिवरात्रि पर भी जारी रहेगी।

प्रत्येक स्नान पर्व से एक दिन पूर्व यह पाबंदी लागू होगी और स्नान के दो दिन बाद तक प्रभावी रहेगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे स्टेशन पहुंचने से पहले इन रूटों की जानकारी कर लें ताकि उन्हें असुविधा न हो।

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