हथौड़ा बारात: संगम नगरी में गूंजा ‘भौकाल’, लालटेन से उतारी गई हथौड़े दूल्हे की नजर
ओजस्वी किरण ब्यूरों
प्रयागराज। संगम नगरी में होली का हुड़दंग शुरू होते ही इलाहाबादी परंपरा का अनूठा रंग देखने को मिला। होलिका दहन से पहले शहर में पूरे ‘भौकाल’ के साथ हथौड़ा बारात निकाली गई। केसर विद्यापीठ इंटर कॉलेज के सामने आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में दूल्हा बने हथौड़े का स्वागत बिल्कुल पारंपरिक दामाद की तरह किया गया।
परंपरागत रस्में और कद्दू भंजन
बारात के दौरान मुख्य अतिथि महापौर गणेश केसरवानी, अध्यक्ष ओपी गुप्त एवं कौशल्यानंद गिरि (टीना मां) सहित अन्य लोगों ने हथौड़े को फूलमाला पहनाई। इस दौरान कजरौटा से काजल लगाकर हथौड़े का श्रृंगार किया गया। ‘मुसर चुमावन’ और ‘लोढवा घुमावन’ जैसी पारंपरिक रस्मों के बाद लालटेन से हथौड़े की आरती उतारी गई और उसकी बलाईयां ली गईं। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘कद्दू भंजन’ रहा, जिसके टूटते ही चारों ओर अबीर-गुलाल की बौछार हो गई।
शामिल हुए शहर के दिग्गज
पूर्व आयुक्त आरएस वर्मा और संयोजक संजय सिंह की अगुवाई में निकली इस बारात में शहर के लोग होली के उल्लास में सराबोर दिखे। होलियारों की वेशभूषा में सजे बाराती होली है, बुरा ना मानो होली है व अमे इहां आवो जैसे संबोधन से एक-दूसरे की ओर लपक रहे दिखाई दिए। ढोल ताशा, बैंड व डीजे की धुन पर थिरकते बाराती मीरगंज, खोवा मंडी, जीरो रोड, घंटाघर, बजाजा पट्टी, लाल डिग्गी व लोकनाथ चौराहा होते हुए देर रात कॉलेज के सामने पहुंची। बारात जिन मार्गों से निकली, वहां खड़े उत्साहित लोगों ने बारातियों पर अबीर-गुलाल की बौछार की।

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