जजों के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने पर इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त
दो लोगों को नोटिस जारी, दो अप्रैल को होगी सुनवाई
ओजस्वी किरण ब्यूरों
प्रयागराज। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जिला न्यायालयों के न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ इंटरनेट मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने पर सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा तथा न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा की खंडपीठ ने आपराधिक अवमानना कार्यवाही करते हुए आपत्तिजनक पोस्ट करने के आरोपित दीपक सिंह और देवेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कहा कि इंटरनेट मीडिया पर लिखी गई इनकी पोस्ट न केवल अदालतों को बदनाम करने वाली हैं, बल्कि उनसे न्यायपालिका की गरिमा को भी ठेस पहुंची है।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह कृत्य न्यायालय अवमानना अधिनियम की धारा 12 के तहत दंडनीय है। वर्तमान में दोनों आरोपित नैनी जेल, प्रयागराज में निरुद्ध हैं, इसलिए अदालत ने जेल अधीक्षक के माध्यम से उन्हें नोटिस तामील कराने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित किया है कि यदि आरोपित अपना वकील करने में असमर्थ रहते हैं तो हाई कोर्ट विधिक सेवा समिति उन्हें वकील उपलब्ध कराएगी।
पुलिस कमिश्नर, प्रयागराज को साइबर सेल की मदद से उस मुख्य व्यक्ति का पता लगाने का निर्देश दिया गया है जिसने इन आरोपियों को ऐसी अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने के लिए उकसाया था। प्रकरण में अगली सुनवाई दो अप्रैल 2026 को होगी।

+ There are no comments
Add yours