मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजनान्तर्गत समस्त ग्राम पंचायतों को जिला मुख्यालयों से जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य चल रहा
सभी 20 क्षेत्रों से 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त,लखनऊ क्षेत्र से आए 42 आवेदन
जल्द ग्रामीण क्षेत्रों को विकास खण्डों, तहसील एवं जनपद मुख्यालय से सीधे परिवहन सुविधा होगी उपलब्ध : दयाशंकर सिंह
ओजस्वी किरण ब्यूरों
लखनऊ। प्रदेश के हजारों गांवों को सार्वजनिक परिवहन की सुविधा शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत ग्रामीण मार्गों पर मिनी बसें चलाने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम द्वारा संचालित सभी 20 क्षेत्रों से आवेदन की अंतिम तिथि 28 मार्च 2026 तक लगभग 1010 आवेदन प्राप्त हुए है।
यह जानकारी देते हुए परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि अप्रैल में चयन प्रक्रियां पूरी कर ली जाएगी, ताकि मई से ग्रामीण क्षेत्रों में बसों का संचालन शुरू कराया जा सके। उन्होंने बताया कि लखनऊ क्षेत्र से 42, अयोध्या से 20,अलीगढ़ से 87, आगरा से 38, आजमगढ़ से 43, इटावा से 27, कानपुर से 24,गाजियाबाद से 37, गोरखपुर से 40,चित्रकूट बांदा से 39, झांसी से 59,देवीपाटन से 25, नोएडा से 12, प्रयागराज से 118, बरेली से 41, मुरादाबाद से 78 ,मेरठ से 36, वाराणसी से 90 ,सहारनपुर से 144 एवं हरदोई क्षेत्र से 10 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि इस योजना से जुड़े मामलों में गंभीरता से काम किया जाए और प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए। उन्होंने बताया कि योजना के माध्यम से प्रदेश की 59,163 ग्राम पंचायतों को परिवहन सुविधा से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। करीब 12,200 गांवों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए निजी मिनी बसों के संचालन की व्यवस्था की जा रही है।प्रदेश सरकार की मंशा ग्रामीण मार्गों पर 15 से 28 सीट क्षमता वाली निजी मिनी बसों के संचालन की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रत्येक ग्राम पंचायत को सुगम एवं सस्ती परिवहन सेवा से जुड़े हेतु प्रतिबद्ध है। ग्रामीण क्षेत्रों को विकास खण्डों, तहसील एवं जनपद मुख्यालय से सीधे परिवहन सुविधा से शत-प्रतिशत जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के दूरस्थ एवं असंबद्ध ग्राम पंचायत को मुख्य धारा से जोड़ने और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक परिवहन सेवा पहुंचाना इस योजना का मुख्य आधार है। ग्रामीण जनता को ब्लॉक तहसील और जिला मुख्यालय तक सीधी और सुरक्षित पहुंच प्रदान करना साथ ही निजी क्षेत्र के बस संचालकों के माध्यम से उन ग्रामीण मार्गों पर सेवा प्रदान करना, जहां परिवहन निगम की कम बसें संचालित है, इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

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