रिटायर फौजी मामले में दो दरोगा लाइन हाजिर,तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दिए गये जांच के आदेश
ओजस्वी किरण ब्यूरों
प्रयागराज। नैनी थाने में 27 मार्च को हुए हंगामे के मामले में दो दरोगा लाइन हाजिर कर दिए गए हैं। इनमें गंगोत्री नगर चौकी प्रभारी शिवजी गुप्ता और आशीष यादव शामिल हैं। मामला एक रिटायर फौजी से संबंधित है, जिनका आरोप है कि उन्हें थाने में पीटा गया। मामले की गंभीरता से जांच के लिए अफसरों ने तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी है।
कमेटी में दो एसीपी स्तर के अधिकारी और एक इंस्पेक्टर शामिल किए गए हैं। एसीपी करछना, एसीपी बारा के साथ ही इंस्पेक्टर (किसी अन्य थाने में तैनात) प्रकरण की गंभीरता से छानबीन करेंगे और फिर अपनी रिपोर्ट अफसरों को देंगे।
इससे पहले बृहस्पतिवार को भी पूर्व सैनिकों का एक प्रतिनिधि मंडल पीएचक्यू पहुंचा और अफसरों से कार्रवाई की मांग की। तीन दिन पहले भी प्रतिनिधि मंडल ने अफसरों से मुलाकात की थी और एडिशनल सीपी लॉ एंड आर्डर डॉ. अजयपाल शर्मा से मुलाकात की थी।
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि प्रकरण की निष्पक्ष तरीके से जांच हो, इसके लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जांच प्रभावित न हो सके, इसके लिए चौकी इंचार्ज समेत दो दरोगाओं को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

44 सेकेंड के पहला वीडियो नैनी थाना परिसर का है। इसमें दिलीप को कुछ पुलिसकर्मी प्राइवेट कार में बैठाए नजर आते हैं। जबकि कुछ अन्य पुलिसकर्मी बाहर खड़े दिखाई देते हैं। इनमें से दो दरोगा व अन्य सिपाही शामिल होते हैं। वीडियो शुरू होते ही कार के पास एक महिला खड़ी नजर आती है जो उसकी पत्नी रीना बताई जा रही है। महिला बार-बार यह कहते दिखाई पड़ती है कि कहां लेकर जा रहे हो।
अगले ही पल कार में बैठा फौजी जबरन बाहर आने की भी कोशिश करता दिखाई पड़ता है। इस पर बाहर खड़ा दरोगा व अन्य पुलिसकर्मी उसे कार में बैठाने की कोशिश करते हैं और इस पर वह यह कहता है कि मेरा सिर फटा, मेरी मैडम का मिसकैरेज हुआ और मुझ पर ही कार्रवाई हुई।


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