महान उद्योगपति रतन टाटा को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग ने दी श्रद्धांजलि

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महान उद्योगपति रतन टाटा को व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग ने दी श्रद्धांजलि

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने रतन टाटा को बताया राष्ट्र की अपूरणीय क्षति

 ओजस्वी किरण डेक्स 

लखनऊ।भारत के औद्योगिक जगत के प्रमुख स्तंभ और समाजसेवी रतन टाटा के निधन पर गुरुवार को उत्तर प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता विभाग द्वारा भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर भौतिक और वर्चुअल माध्यम से आयोजित सभा में विभाग के मंत्री कपिल देव अग्रवाल, प्रमुख सचिव आलोक कुमार (आईएएस), विभागीय अधिकारी और टाटा टेक्नोलॉजीज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अपने संबोधन में रतन टाटा के निधन को राष्ट्र के लिए एक बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि रतन टाटा का जीवन एक वटवृक्ष की तरह था, जिसने उद्योग, शिक्षा और समाजसेवा के अनगिनत क्षेत्रों को पोषित किया। उनका जाना एक ऐसा शून्य है, जिसे भर पाना असंभव है। उनकी दूरदर्शी सोच ने भारत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, और हमें उनके दिखाए रास्ते पर चलकर उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना होगा। प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने सभी उपस्थित लोगों के साथ मिलकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय से उबरने की शक्ति देने की कामना की। उन्होंने रतन टाटा के औद्योगिक और सामाजिक योगदानों की चर्चा करते हुए कहा कि वे सिर्फ उद्योग के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि चिकित्सा और सामाजिक सेवा में भी अग्रणी थे।

टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के प्रतिनिधि रजनीकांत उपाध्याय ने रतन टाटा के जीवन के व्यक्तिगत पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे सकारात्मक सोच के धनी थे और आम आदमी तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए हमेशा समर्पित रहे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के 149 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों और एक शोध केंद्र के उन्नयन में टाटा के अहम योगदान को भी रेखांकित किया, जिससे प्रदेश के युवाओं को कौशल विकास के लिए एक बेहतरीन मंच मिला।कार्यक्रम के अंत में सभी ने रतन टाटा के जीवन और उनके महान कार्यों को याद करते हुए उनके आदर्शों को सजीव रखने का संकल्प लिया। उनके योगदानों को पीढ़ियों तक प्रेरणा का स्रोत बताते हुए, उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

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