योगी सरकार की पहल से ‘निपुण शिक्षक सारथी’ कार्यक्रम से शिक्षक बनेंगे बदलाव के नेतृत्वकर्ता : मंत्री संदीप सिंह
चित्रकूट, सोनभद्र, बलरामपुर, गोरखपुर व सीतापुर में पायलट प्रोजेक्ट लागू, कमजोर विद्यालयों पर फोकस
प्रशिक्षित 15 एसआरजी देंगे तकनीक आधारित मार्गदर्शन, शिक्षकों से बढ़ेगा संवाद
कक्षा 2 के भाषा और गणित पर विशेष ध्यान, बुनियादी साक्षरता को मिलेगा मजबूती
शिक्षा की गुणवत्ता सुधार में मील का पत्थर बनेगा कार्यक्रम : संदीप सिंह
ओजस्वी किरण ब्यूरों
लखनऊ। योगी सरकार ने निपुण भारत मिशन को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने हेतु ‘निपुण शिक्षक सारथी’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। इस पहल के माध्यम से शिक्षकों को बदलाव के वास्तविक नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार किया जा रहा है, जिससे कक्षा स्तर पर सीखने के परिणामों में ठोस सुधार सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम को चित्रकूट, सोनभद्र, बलरामपुर, गोरखपुर और सीतापुर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। इनमें चित्रकूट, सोनभद्र और बलरामपुर आकांक्षी जनपद हैं, जबकि गोरखपुर और सीतापुर में आकांक्षी विकासखंड शामिल हैं। इन क्षेत्रों में शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इस मॉडल को प्राथमिकता दी गई है। इन क्षेत्रों में शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों को प्राथमिकता देते हुए इस मॉडल को क्रियान्वित किया जा रहा है। चयनित 15 राज्य स्तरीय संदर्भ समूह (एसआरजी) के सदस्यों का 15 एवं 16 अप्रैल को दो दिवसीय प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया गया है, जो अब तकनीक के माध्यम से शिक्षकों को निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
इस पहल के अंतर्गत शिक्षकों और मार्गदर्शकों के बीच संवाद की आवृत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। जहां पहले सीमित संपर्क संभव हो पाता था, वहीं अब 18 से 20 बार नियमित और योजनाबद्ध शैक्षणिक संवाद सुनिश्चित किया जाएगा। इससे शिक्षकों को आवश्यकता आधारित मार्गदर्शन मिलेगा और कक्षा में आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। साथ ही, गतिविधि आधारित एवं स्तरानुसार शिक्षण पद्धति के माध्यम से विद्यार्थियों को बिना दबाव के सहज रूप से सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक दक्षता मजबूत होगी।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि ‘निपुण शिक्षक सारथी’ कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूर्ण करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे तकनीक-सक्षम मार्गदर्शक के रूप में विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि योगी सरकार शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इस दिशा में यह कार्यक्रम मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 2 के विद्यार्थियों की भाषा एवं गणित की बुनियादी दक्षताओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि प्रारंभिक स्तर पर ही मजबूत शैक्षणिक आधार तैयार किया जा सके। साथ ही डिजिटल मॉडल के उपयोग से फील्ड विजिट पर निर्भरता कम होगी, जिससे समय एवं लागत में कमी आएगी और दूरस्थ क्षेत्रों के शिक्षकों तक भी नियमित शैक्षणिक सहयोग सुनिश्चित हो सकेगा।

+ There are no comments
Add yours