लखनऊ: चारबाग स्टेशन पर गिरा टिन शेड, 3 घायल; रेलवे की बड़ी लापरवाही।

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लखनऊ चारबाग स्टेशन हादसा: प्लेटफॉर्म-5 का टिन शेड गिरा, 3 घायल; उत्तर रेलवे ने निर्माण एजेंसी पर सख्त कार्रवाई के दिए आदेश

ब्यूरो रिपोर्ट: ओजस्वी किरण न्यूज़ (लखनऊ)

​लखनऊ। राजधानी के ऐतिहासिक चारबाग रेलवे स्टेशन पर आज सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। प्लेटफॉर्म संख्या 5 पर चल रहे निर्माण कार्य के दौरान अचानक टिन शेड का एक हिस्सा गिर गया, जिसकी चपेट में आने से तीन लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया। उत्तर रेलवे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिम्मेदार एजेंसी और दोषी रेल कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

चारबाग रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म 5 पर ढह गया टिन शेड, पृष्ठभूमि में चारबाग के गुंबद।
लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 5 का वह टिन शेड, जो निर्माण के दौरान ढह गया। पृष्ठभूमि में स्टेशन के प्रसिद्ध गुंबद और निर्माण क्रेनें देखी जा सकती हैं।

​हादसे का विवरण और रेस्क्यू

​आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह घटना आज सुबह करीब 8:00 बजे की है। प्लेटफॉर्म नंबर 5 के शेड का एक हिस्सा अचानक यात्रियों के ऊपर आ गिरा। ड्यूटी पर मौजूद आरपीएफ (RPF) के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए मलबे में दबे लोगों को तुरंत बाहर निकाला। हादसे में घायल हुए तीन व्यक्तियों को तत्काल पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां रेलवे की मेडिकल टीम उनकी सहायता और निगरानी कर रही है।

​पीआरओ (PRO) उत्तर रेलवे की आधिकारिक रिपोर्ट

​उत्तर रेलवे के पीआरओ द्वारा जारी बयान के अनुसार:

​चारबाग स्टेशन पर इस समय ‘एयर कॉन्कोर्स’ (Air Concourse) का निर्माण कार्य चल रहा है।

​इसी निर्माण कार्य के चलते प्लेटफॉर्म संख्या 4 को 15 मई 2026 से 23 जून 2026 तक यात्री ट्रेनों के लिए पहले ही ब्लॉक किया गया है।

​पीआरओ ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाली एजेंसी और संबंधित रेलवे कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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​कुंभ एक्सप्रेस के यात्री बाल-बाल बचे

​स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय कुंभ एक्सप्रेस वहां से गुजरने वाली थी। गनीमत रही कि सूचना मिलते ही ट्रेन को आउटर पर ही रोक लिया गया, जिससे एक भीषण रेल हादसा टल गया। यदि ट्रेन प्लेटफॉर्म पर होती, तो घायलों की संख्या कहीं अधिक हो सकती थी।

​ओजस्वी किरण न्यूज़ की पड़ताल : लापरवाही के सुलगते सवाल

​हादसे के बाद ‘ओजस्वी किरण न्यूज़’ की टीम ने पाया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों की भारी अनदेखी की जा रही थी।

​जब प्लेटफॉर्म 4 ब्लॉक था और प्लेटफॉर्म 5 पर काम चल रहा था, तो यात्रियों के आवागमन के लिए पुख्ता सुरक्षा घेरा क्यों नहीं बनाया गया?

​मरम्मत के दौरान पुराने स्ट्रक्चर की मजबूती की जांच क्यों नहीं की गई?

​वर्तमान में प्लेटफॉर्म पर मलबे को हटाने का काम पूरा किया जा रहा है और वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे।

निष्कर्ष : सुरक्षा सर्वोपरि

​”निर्माण और विकास की गति स्वागत योग्य है, लेकिन यह यात्रियों की जान की कीमत पर नहीं होनी चाहिए। आज का हादसा एक गंभीर चेतावनी है।

प्रशासन और जिम्मेदार एजेंसियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सुरक्षा मानकों में रत्ती भर भी चूक न हो, ताकि चारबाग जैसी ऐतिहासिक धरोहरें डर का नहीं, बल्कि सुरक्षित सफर का केंद्र बनी रहें।”

​”सतर्क रहें, सुरक्षित रहें—क्योंकि आपकी सुरक्षा ही रेलवे की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।”

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