अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एवं महाशिवरात्रि पर प्रो0 संजय प्रसाद शर्मा ने दिया जागरूकता का संदेश
ओजस्वी किरण ब्यूरो प्रयागराज
हंडिया प्रयागराज। शुक्रवार को भारत में महाशिवरात्रि पर्व के साथ-साथ पूरे विश्व में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इस मौके पर महामाया राजकीय महाविद्यालय धनूपुर के प्रोफेसर संजय प्रसाद शर्मा ने कहा कि यह महज़ एक संयोग ही है कि शिव, शक्ति के बिना सभी अधूरे हैं और यह शक्ति उनको एक नारी यानि आदि शक्ति माता पार्वती से मिलती है। जहां तक अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की बात है तो महिलाओं ने सामाजिक-आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने, उद्यमों का नेतृत्व करने, नीतियों को प्रभावित करने, और समुदायों के पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कॉर्पोरेट बोर्डरूम से लेकर शैक्षणिक संस्थानों तक, वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं से लेकर विधायी कक्षों तक, महिलाएं अपनी बुद्धि, सरलता और सहानुभूति से स्थायी प्रभाव डाल रही हैं। इस अवसर पर, आइए हम उन सभी उल्लेखनीय महिलाओं की हार्दिक सराहना करें जो उत्कृष्टता के प्रति अपने दृढ़ संकल्प और समर्पण से हमें प्रेरित करती हैं। हम उनकी सफलताओं का जश्न मनाएं, उनके योगदान को पहचानें तथा लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करें। वर्तमान सत्र 2024 में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की कैंपेन थीम “इंस्पायर इंक्लुजन (Inspire Inclusion)” है, जिसका अर्थ है महिलाओं के महत्व को समझने के लिए लोगों को जागरूक करना। उनके संघर्ष पर दो पंक्तियों के साथ यही कहना है कि-ग़लतफ़हमी थी मुझे कि अपने बहुत हैं,पीछे मुड़कर देखा तो सिर्फ़ साया ही हमसफ़र निकला। अंत मे उनके द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस व महाशिवरात्रि पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ भी दी गयी।

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