अभाविप विभाग ने उ.प्र. मंत्री ओ.पी. राजभर की संवेदनहीन टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे अधिकारी द हन
ओजस्वी किरण ब्यूरों लखनऊ
अखिल भारतीय छात्र परिषद के परामर्शदाता ने उत्तर प्रदेश के मंत्री ओ.पी. राजभर द्वारा श्री रामसमुद्र मेमोरियल यूनिवर्सिटी में छात्रों की आपत्तियों को लेकर उनके द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन में गंभीर रूप से घायल छात्र एवं छात्राओं द्वारा घृणित एवं संवेदनहीन टिप्पणी के विरोध में उनकी आलोचना की गई। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अनाधिकृत ओ.पी. की मांग की गई है। राजभर से छुट्टी ले ली और उन्हें अपनी टिप्पणी के लिए सभी सहयोगियों के समुदाय और अभाविप से माफी मांग ली।
गत सोमवार को अखिल भारतीय छात्र परिषद ने विश्वविद्यालय में लॉग डिग्री के संबंध में लेकर मछुआरे, दो छात्रों के अवैध निष्कासन, मैसाचुसेट्स फेसबुक, ₹5000 का अवैध अर्थदंड शुल्क और 15 अगस्त की ‘सतह गणतंत्र यात्रा’ के विरोध में गंभीर छात्र आंदोलन किया था। डिफॉल्ट का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा संबद्धता को लेकर स्पष्ट जानकारी न देकर छात्रों को अवैध तरीके से पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा था। इसी आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में दो मजदूरों से अधिक कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए।
इसी संदर्भ में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओ.पी. राजभर ने छात्रों के समर्थकों को “गुंडा” कहा। इस टिप्पणी के विरोध में अखिल भारतीय परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ला ने कहा कि, “उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओ.पी. राजभर द्वारा उत्तर प्रदेश सरकार के संवेदनहीन टिप्पणी की घोषणा की गई है।” मुफ़्त छोड़ो ले।”
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अवध प्रांत के मंत्री पुष्पेंद्र पाठक ने अपनी निंदा करते हुए कहा कि, “अभावदीप सोसिल ने आज मंत्री ओ.पी. राजभर के आवास के बाहर प्रदर्शन कर दहन किया है, जब तक छात्रों की समस्या का समाधान नहीं हो गया, तब तक वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे।”


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