विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक केंद्रीय बजट 2026-27
उच्च शिक्षा को रोजगार और उद्यम से जोड़ने की ठोस रूपरेखा प्रस्तुत करता है बजट : मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय
विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय टाउनशिप और छात्रावासों से शिक्षा ढांचे को नई मजबूती
पर्यटन, आईटी और सेवा क्षेत्र में शिक्षा–कौशल–रोजगार का नया समन्वय
बजट से प्रदेश के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए मिलेगा नया अवसर : उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी
ओजस्वी किरण ब्यूरों लखनऊ
लखनऊ। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प, सबका साथ–सबका विकास की भावना और भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की दिशा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया नौवां केंद्रीय बजट ऐतिहासिक है। यह बजट ज्ञान, नवाचार, कौशल और उद्यमिता को केंद्र में रखकर देश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने का ठोस रोडमैप प्रस्तुत करता है।
योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि बजट में उच्च शिक्षा को रोजगार, उद्यम और वैश्विक प्रतिस्पर्धा से जोड़ने के लिए ‘शिक्षा से रोजगार और उद्यम तक’ एक उच्च-शक्ति वाली स्थायी समिति के गठन का प्रस्ताव दूरदर्शी कदम है। इससे भारत को सेवा क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाने की दिशा में ठोस रणनीति तैयार होगी और युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि बजट में पेशेवर शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवर (AHPs) संस्थानों का उन्नयन, आयुष क्षेत्र में तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना, तथा ऑरेंज इकोनॉमी के अंतर्गत स्कूलों और कॉलेजों में एवीजीसी (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना से नवाचार आधारित शिक्षा को नई दिशा मिलेगी। इसके साथ ही एक नए राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान की स्थापना से डिजाइन और रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि पांच विश्वविद्यालय टाउनशिप, प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए छात्रावासों की स्थापना तथा आधुनिक टेलीस्कोप इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं का विकास उच्च शिक्षा के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करेगा। पर्यटन क्षेत्र में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी, गाइड अपस्किलिंग की पायलट योजना, नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड और पारिस्थितिक ट्रेल्स का विकास शिक्षा के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा।
कर प्रस्तावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि आईटी क्षेत्र के लिए सिंगल टैक्स श्रेणी, सुरक्षित बंदरगाह सीमा में वृद्धि और फास्ट-ट्रैक यूनिलैटरल एपीए प्रक्रिया से तकनीकी एवं नवाचार आधारित उद्योगों को गति मिलेगी, जिसका सीधा लाभ उच्च शिक्षा और शोध संस्थानों को भी प्राप्त होगा।


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