इस बजट में कुछ नया नही, दिशाहीन और पूरी तरह से खोखला, प्रदेशवासियों के लिए सूखा और खाली बजट – आराधना मिश्रा मोना, नेता विधानमंडल दल कांग्रेस

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उत्तर प्रदेश के आम बजट पर नेता विधानमंडल दल कांग्रेस आराधना मिश्रा मोना की प्रतिक्रिया

इस बजट में कुछ नया नही, दिशाहीन और पूरी तरह से खोखला, प्रदेशवासियों के लिए सूखा और खाली बजट – आराधना मिश्रा मोना, नेता विधानमंडल दल कांग्रेस

वित्तीय घाटा पूरा करने के लिए जनता की जेब काटने की तैयारी में भाजपा योगी आदित्यनाथ सरकार – आराधना मिश्रा मोना

ओजस्वी किरण ब्यूरों लखनऊ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज पेश किये गये आम बजट पर विधानसभा में कांग्रेस विधानमंडल दल नेता श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह घोर निराशाजनक, किसान, युवा एवं बेरोजगार विरोधी बजट है। बजट में बेरोजगार युवाओं को धोखा मिला है, अनुदेशकों के लिए माननीय उच्च न्यायालय ने बढ़े मानदेय और एरियर का आदेश दिया लेकिन सरकार ने बजट में कोई प्रावधान नही किया ।

हमें उम्मीद थी कि सरकार इस बजट में किसानों के लिए विशेष प्रबंध करेगी, क्योंकि बढ़ती महंगाई और बढ़ती लागत की वजह से किसान पहले से परेशान है लेकिन इस बार भी किसानों को बजट से निराशा हुई है , हर बार DAP – यूरिया की किल्लत होती है उसके बाद भी सरकार ने बजट में कोई ध्यान नही रखा,

आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि बजट में आंकड़ों की बारिश बाजीगरी करके बजट को तो 9 लाख 12 हजार करोड़ का दिखा बड़ा बना दिखाई जा रहा है लेकिन बजट में नई योजनाओं को 5 प्रतिशत भी नही दिया, 9 लाख 12 हजार करोड़ में नई योजनाओं में तो सिर्फ 43 हजार करोड़ रुपये, 43 हजार करोड़ से क्या होगा, जबकि सरकार खुद कह रही है हमने 64 हजार करोड़ राजस्व प्राप्त किया है, तो फिर सिर्फ 43 हजार नई योजनाओं के लिए क्यों ? 64 हजार में 43 हजार करोड़ आवंटन के बाद शेष पैसे किसके लिए बचाए जा रहे हैं ?

आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि प्रदेश के लिए सबसे महत्वपूर्ण निवेश, युवाओं के रोजगार और बुनियादी ढांचे के लिए कोई ठोस प्रबंध नहीं किए गए, ना ही सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं पर खर्च के प्रबंध किए गए हैं, 

आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि आउटसोर्सिंग के लिए बीजेपी योगी आदित्यनाथ सरकार ने घोषणा की थी कि न्यूनतम मानदेय देंगें लेकिन बजट में कोई आवंटन नही, ये नौजवानों को धोखा है ।

आराधना मिश्रा मोना ने बजट में पूर्वाचल और बुंदेलखंड के पिछड़ेपन को दूर करने को लेकर भाजपा योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा की गई उपेक्षा पर नाराजगी व्यक्त की है , आराधना मिश्रा मोना ने कहा की प्रदेश के 37 पिछड़े जिले पूर्वांचल और बुंदेलखंड से आते हैं , इसीलिए कांग्रेस सरकारों ने पूर्वांचल और बुंदेलखंड के लिए विशेष पैकेज की व्यवस्थाएं प्रावधान की थी लेकिन इस बजट में भी पूर्वांचल और बुंदेलखंड को निराशा हाथ लगी है, जिस तरह से अभी विगत दिनों सत्ता पक्ष के विधायक ने सरकार के मंत्री को घेर कर आईना दिखाने काम किया था, उसके बावजूद सरकार ने बुंदेलखंड का ध्यान नहीं रखा, ऐसे में जो प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बनकर प्रदेश में ही काम करके प्रदेश को भी विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाता और खुद भी मजबूत होता उन दोनों को निराशा हाथ लगी है ।

आराधना मिश्रा मोना ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बजट में प्रावधान न होने को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लोककल्याणकारी राज्य में सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है कि जनता को मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराए लेकिन सरकार का पूरा ध्यान सार्वजनिक क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने का है जिससे चुनिन्दा उद्यमियों को फायदा पहुंचे और आम आदमी की जेब कटे, 

उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिला सुरक्षा, युवाओं के रोजगार सृजन के नाम पर यह बजट मौन है। पिछली बार स्कूटी के लिए 400 करोड़ आवंटित था लेकिन बांटा नहीं, और इस बार फिर वही, शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन एवं सुरक्षा देना लोकतांत्रिक सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी और जनता का बुनियादी अधिकार है, इसे उद्योगपतियों को सौंपना जनता के साथ विश्वासघात है। 

कृषि प्रधान प्रदेश का मुख्यमंत्री होने के नाते योगी आदित्यनाथ को बजट में किसानों के लिए योजनाएं लानी चाहिए थी, अभी तक मुफ़्त बिजली की घोषणा हवा में ही है, आज अन्नदाता संकट में है इसलिए यूपीए कांग्रेस सरकार में जो औसत 4.3 प्रतिशत की दर थी , वह बीजेपी की केंद्र और राज्य सरकार की किसान विरोधी नीतियों के चलते 1.5 प्रतिशत के नीचे आ गई।

जो कृषि क्षेत्र को बर्बादी की तरफ ले जाने वाला है ऐसे में किसानों की आय दुगुनी करने का जुमला मौजूदा विकास दर में 52 वर्षों में पूरा हो सकता है। 

आराधना मिश्रा मोना ने वित्तीय घाटा पूरा करने को लेकर सरकार की नीति को घेरा, आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि सरकार 1 लाख 25 हजार करोड़ का वित्तीय घाटा कैसे पूरे करेगी,उसके लिए जरूरी संसाधन का बजट में कोई प्रावधान नहीं किया क्या है , वित्तीय घाटा पूरा करने के लिए सरकार जनता की जेब पर डाका डालने की तैयारी कर चुकी है, या तो पिछले वर्ष का बजट जो 40% से ज्यादा सरेंडर हो गया, खर्च नही हो पाया, उससे वित्तीय घाटा पूरा किया जाएगा दोनों स्थिति में प्रदेश की जनता का नुकसान है, इस बजट से यह साबित हो गया कि यह सरकार का अंतिम और विदाई का बजट है, प्रदेश की जनता को जिस तरीके से इस बजट में कोई नई योजना न देकर ठगा गया है, प्रदेश की जनता 2027 में बीजेपी सरकार की विदाई करेगी ।

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