मृतक आश्रितों को योग्यता के आधार पर मिले नियुक्ति: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ
प्रदेश में चतुर्थ श्रेणी के पाच लाख पद रिक्त, संविदा से चल रहा काम : सुरेश सिंह यादव
ओजस्वी किरण ब्यूरों
लखनऊ 28 दिसंबर। उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ ने एक बार फिर सरकार से मृतक आश्रितों को योग्यता के आधार पर नियुक्ति दिए जाने की मांग उठाई है। महासंघ के प्रदेश महामंत्री सुरेश सिंह यादव ने कहा कि सरकार का यह निर्णय योग्यता का हनन है। इसेस चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी समाज में भारी रोष व्याप्त हो रहा है।
ज्ञात हो कि यूपी मृतक आश्रित सेवा नियमावली में (2025 का 14वां) संशोधन यह कहता है कि अब मृतक आश्रित को उसी समूह यानि ग्रुप सी या डी में नौकरी मिलेगी जिसमें मृत कर्मचारी सेवा करता था, उच्च समूह जैसे ग्रुप ए और बी में नियुक्ति नहीं मिलेगी, भले ही आश्रित की शैक्षिक योग्यता अधिक हो, जिससे योग्यता के आधार पर उच्च पद पर नियुक्ति का पुराना प्रावधान समाप्त हो गया है। इस संशोधन का उद्देश्य प्रक्रिया को स्पष्ट करना और अनियमितताओं को रोकना है, हालांकि कर्मचारी संगठन लगातार इसका विरोध कर रहे हैं।
प्रदेश महामंत्री ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव कार्मिक को पत्र लिखकर इस पर पुनः विचार करने आग्रह किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि आज चतुर्थ श्रेणी समाज के हजारो बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके है। किसी कार्मिक की सेवाकाल के दौरान मृत्यु की घटना कम ही होती है। ऐसे में उनके मृतक आश्रितों को उच्च शिक्षा और योग्यता के आधार पर नियुक्ति न दिया जाना नैसर्गिक न्याय के विपरीत है। उन्होने मुख्यमंत्री से अपील है कि 14वां संशोधन को तत्काल वापस लिया जाए।
उन्होंने यह भी मांग कि है प्रदेश में लगभग 5 लाख चतुर्थ श्रेणी के पद रिक्त हैं। जिससे सभी विभागों में राजकीय कार्य प्रभावित हो रहा है। इन पर नियमित नौकरी प्रदान कर सरकार अपने वायदे के मुताबिक प्रदेश की जनता के बीच अपने नौकरी देने के वायदें को पूरा कर सकती हे।
संविदा व्यवस्था से विश्वास का संकट और सरकार निजीकरण को बढ़ावा मिलेगा। उसको बंद किया जाना चाहिए। सभी विभागों में चतुर्थ श्रेणी के लगभग 70 प्रतिशत पद वर्तमान में रिक्त है इन पर संविदा के आधार पर काम लिया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि 2001 तक दैनिक वार्कचार्ज कर्मचारियों को सरकार द्वारा नियमित करने के आदेश निर्गत किए गए थे। अभी भी कई विभागों में उनका नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने उद्यान विभाग का हवाला देते हुए बताया कि वहां 184 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी लेकिन उनको अभी तक नियमित नहीं किया गया है।
प्रदेश महामंत्री सुरेश सिंह यादव ने बताया मुख्य सचिव के आदेशानुसार प्रमुख सचिव कार्मिक की सहमति से 18 नवंबर 2024 को आदेश 1900 ग्रेड पे सामूहिक रूप से दिए जाने एवं समस्त विभाग के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को 60 वर्ष से 62 वर्ष किए जाने के निर्देश प्रस्ताव पारित किया गया था। जो वित्त वेतन आयोग अनुभाग दो शासन स्तर पर विचाराधीन है। जिस पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। कार्मिक विभाग द्वारा अनेकों रिमाइंडर भेजे गए परंतु कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने भी बताया कि सभी संवर्ग में पदोन्नति की कार्रवाई की जा रही है लेकिन चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति अधिकारियों द्वारा विभाग अध्यक्षों के एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा हिलावली की जा रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है की समस्त विभागों को उक्त मांगों के संबंध में कड़े निर्देश जारी किए जाएं किए। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों का विभागों में उत्पीड़न किया जा रहा है जिसको तत्काल रोका जाए। प्रदेश महामंत्री नेे सरकार से अपील की है कि यदि शीघ्र ही इस पर निर्णय नहीं हुआ। तो पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में के आक्रोश को देखते हुए समस्त जिला अधिकारी विभाग अध्यक्षों के माध्यम से सरकार को ज्ञापन दिए जाने पर विचार किया जाएगा।

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