नई कैथ लैब से हृदय रोगियों के इलाज का इंतजार होगा खत्म: ब्रजेश पाठक

1 min read

नई कैथ लैब से हृदय रोगियों के इलाज का इंतजार होगा खत्म: ब्रजेश पाठक

डिप्टी सीएम ने डॉ० राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में तीसरी कैथ लैब का किया उदघाटन

ओजस्वी किरण ब्यूरों

लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में हृदय रोगियों के उपचार का इंतजार कम होगा। रोगियों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए नई कैथ लैब बहुत उपयोगी साबित होगी। इमरजेंसी रोगियों की लैब में जांच व उपचार हो सकेगा। यह कहना है डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का। 

शुक्रवार को डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लोहिया संस्थान में नई कैथ लैब का उदघाटन किया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से सुधार हो रहा है। अस्पताल व मेडिकल संस्थानों को अपग्रेड किया जा रहा है। आधुनिक चिकित्सीय उपकरणों से संस्थानों को रफ्तार दी जा रही है। लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान रोगियों को आधुनिक उपचार मुहैया कराने में अहम भूमिका अदा कर रहा है। कम समय में संस्थान ने काफी तरक्की की है। यहां रोबोटिक सर्जरी की सुविधा रोगियों को उपलब्ध कराई जा रही है। किडनी ट्रांसप्लांट हो रही है। न्यूरो साइंस सेंटर में रोगियों को आधुनिक चिकित्सा उपचार मिल रहा है। 

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि अभी संस्थान के कॉर्डियोलॉजी विभाग में दो कैथ लैब हैं। तीसरी लैब स्थापित होने से रोगियों को जांच व उपचार और जल्दी हो सकेगा। उन्होंने कहा कि यहां प्रतिदिन लगभग 20 एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर से संबंधित उपचार किए जा रहे हैं। जो अब बढ़कर लगभग 30 ऐसे उपचार प्रतिदिन हो जाएंगे। इससे गंभीर हृदय रोगियों को शीघ्र, सुरक्षित और प्रभावी उपचार उपलब्ध हो सकेगा। कार्डियोलॉजी सेवाओं पर बढ़ते भरोसे और आवश्यकता को आँकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। प्रतिदिन 250 से 300 मरीज

कार्डियोलॉजी ओपीडी में परामर्श के लिए आ रहे हैं। वार्षिक रूप से लगभग 50,000 ओपीडी परामर्श और करीब 8,000 भर्ती कार्डियोलॉजी विभाग में हो रही हैं। उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि एक और नए कैथ लैब की खरीद प्रक्रिया प्रगति पर है। इसके बाद संस्थान में चार कैथ लैब होंगी। इसके साथ ही इस वर्ष कार्डियोलॉजी विभाग को नवीनतम और अत्याधुनिक तकनीकों से पूर्णतः सुसज्जित किया जा रहा है। जिसमें एक उच्च स्तरीय एडवांस्ड इकोकार्डियोग्राफी मशीन, दो उन्नत पोर्टेबल इको मशीनें, टीएमटी (ट्रेडमिल टेस्ट) सुविधा तथा आईवस जैसी आधुनिक तकनीकें शामिल हैं।

कार्यक्रम में संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह, सीएमएस डॉ. विक्रम सिंह, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरविंद सिंह, मातृ शिशु रेफरल हॉस्पिटल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. श्रीकेश सिंह, कॉर्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. भुवन चन्द्र तिवारी, रजिस्टार डॉ. सुब्रत चन्द्रा, डॉ. आशीष झा और डॉ. सुदर्शन कुमार विजय, डॉ. नवीन जामवाल, डॉ. सूर्या प्रकाश, डॉ. शिखर गर्ग, डॉ. दानिश खान, समेत अन्य डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहे।

रोगियों से लिया फीड बैक

कार्यक्रम के बाद डिप्टी सीएम ने मॉनिटरिंग रूम का जायजा लिया। साथ ही रोगियों से बात की। परिजनों से भी उपचार संबंधी जानकारी हासिल की। उपचार के दौरान आने वाली दुश्वारियों का फीड बैक भी लिया।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours