सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने दी शाकिर हुसैन ‘तशना’ जी को श्रद्धांजलि, “तशना सम्मान” की घोषणा

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सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने दी शाकिर हुसैन ‘तशना’ जी को श्रद्धांजलि, “तशना सम्मान” की घोषणा

ओजस्वी किरण ब्यूरों

प्रयागराज । प्रयागराज सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने उर्दू अदब के वरिष्ठ पत्रकार, उस्ताद शायर एवं कुशल मुशायरा–निज़ामतकार स्वर्गीय शाकिर हुसैन ‘तशना’ को उनके करेली स्थित आवास पर पहुँचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उर्दू साहित्य, शेरो–शायरी एवं ग़ज़ल की समृद्ध परंपरा के संरक्षण और संवर्धन हेतु विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत द्वारा प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान “तशना सम्मान” की स्थापना की घोषणा की गई।

यह सम्मान स्वर्गीय शाकिर हुसैन ‘तशना’ की पुण्य स्मृति में स्थापित किया जा रहा है, जिन्होंने पत्रकारिता को जीवन–धर्म मानते हुए उर्दू अदब की निस्वार्थ सेवा की और अपने संवेदनशील, सादगीपूर्ण तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व से साहित्यिक जगत में विशिष्ट पहचान बनाई।

इस अवसर पर समाजसेवी असरार नियाज़ी ने कहा कि शाकिर हुसैन ‘तशना’ उर्दू अदब और पत्रकारिता दोनों के सशक्त स्तंभ थे, जिनकी सेवाओं को यह सम्मान सच्ची श्रद्धांजलि है।स्वर्गीय तशना साहब के सुपुत्र अमजद हुसैन ‘रावी’ ने कहा कि “तशना सम्मान” उनके पिता की साहित्यिक साधना, विचारधारा और मूल्यों को चिरस्थायी बनाए रखने का सार्थक प्रयास है।एडवोकेट बख़्तियार यूसुफ ने तशना साहब के उर्दू एवं हिंदी भाषाओं पर समान अधिकार की सराहना करते हुए उनके व्यक्तित्व को साहित्यिक सौहार्द का प्रतीक बताया!विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. राहुल शुक्ल ‘साहिल’ ने कहा कि संस्था की उर्दू शाखा बज़्म–ए–अहबाब के माध्यम से निरंतर मुशायरे एवं शेरो–शायरी के भव्य आयोजन कर उर्दू अदब को नई दिशा दी जाएगी।कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में महमूद, मो. अकबर अली, मोइन हबीबी, मोहम्मद शाहब, तलत महमूद, कौशर रिज़वी, एस. एम. रिज़वी, मो. दानिश, यासीन, एडवोकेट फरहान आलम, सुहैल अख्तर, अवसाफ निसार, सैफ अली, असद हुसैन ताबी,असद कुरैशी ,मोहम्मद कादिर , शरिक सिद्दीकी, कौसर सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि “तशना सम्मान” न केवल स्वर्गीय शाकिर हुसैन ‘तशना’ की साहित्यिक विरासत को चिरस्थायी बनाए रखेगा, बल्कि उर्दू अदब की परंपरा, शालीनता और अदबी गरिमा को आने वाली पीढ़ियों तक सशक्त रूप से पहुँचाएगा।

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