केंद्रीय बजट उद्योग, किसान और युवाओं के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करता है : मंत्री राकेश सचान
वस्त्र, खादी और हथकरघा क्षेत्र के लिए एकीकृत कार्यक्रम से बढ़ेगा निवेश और रोजगार
10 हजार करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड से एमएसएमई बनेंगे ‘चैंपियन’
निर्यात प्रोत्साहन और विरासत औद्योगिक क्लस्टरों के कायाकल्प से आत्मनिर्भर भारत को बल
ओजस्वी किरण ब्यूरो
लखनऊ। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प, सबका साथ–सबका विकास की भावना और भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के अनुरूप वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लोकसभा में प्रस्तुत किया गया नौवां केंद्रीय बजट उद्योग, किसानों और युवाओं के लिए नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करता है।
मंत्री राकेश सचान ने बताया कि बजट में वस्त्र क्षेत्र के लिए एक व्यापक एकीकृत कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय फाइबर योजना, वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना, राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम, टेक्स-इको पहल तथा समर्थ 2.0 जैसी योजनाएं शामिल हैं। इसके साथ ही मेगा टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना से वस्त्र और परिधान उद्योग में बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन होगा। उन्होंने कहा कि खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल की शुरुआत की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के साथ-साथ पारंपरिक कारीगरों और बुनकरों को स्थायी आजीविका के अवसर प्राप्त होंगे।
मंत्री सचान ने बताया कि बजट में एमएसएमई को चैंपियन बनाने के लिए 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड स्थापित किया जाएगा, वहीं आत्मनिर्भर भारत फंड में 2,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त पूंजी डाली जाएगी। टी-रेड्स (TReDS) के माध्यम से तरलता सहायता प्रदान कर छोटे उद्यमों को वित्तीय मजबूती दी जाएगी। इसके अतिरिक्त ‘कॉर्पोरेट मित्र’ व्यवस्था के जरिए एमएसएमई को व्यावसायिक मार्गदर्शन और सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि देशभर में 200 विरासत औद्योगिक समूहों का कायाकल्प किया जाएगा, जिनमें हथकरघा और हस्तशिल्प से जुड़े क्लस्टर भी शामिल होंगे। निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए जूते के ऊपरी हिस्सों के शुल्क-मुक्त आयात का विस्तार तथा चमड़ा और वस्त्र परिधान के निर्यात समय-सीमा में वृद्धि जैसे प्रावधान किए गए हैं।
मंत्री राकेश सचान ने कहा कि यह बजट प्रदेश के एमएसएमई, खादी, हथकरघा, रेशम और वस्त्रोद्योग से जुड़े लाखों उद्यमियों, कारीगरों और श्रमिकों के लिए नए अवसरों का सृजन करेगा और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगा।

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