भारत का सबसे लंबा 40 फीट का महात्रिशूल प्रयागराज पहुंचा
सनातन हिन्दू एकता यात्रा का किया गया भव्य स्वागत
ओजस्वी किरण ब्यूरों
प्रयागराज। छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) से प्रारंभ हुई विशाल महा त्रिशूल सनातन हिन्दू एकता यात्रा शनिवार को प्रयागराज में पहुंची, जहां यात्रा का विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। विशेष रूप से प्रयागराज के जारी क्षेत्र में महा त्रिशूल के स्वागत के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। जय श्रीराम और हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया।
यह यात्रा आदि शक्ति माता मंदिर, गुलावरा, गली नंबर-01, छिंदवाड़ा से 2 फरवरी को प्रातः 9 बजे आरंभ हुई थी। यात्रा का संचालन एवं नेतृत्व अमित योगी की देखरेख में किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सनातन संस्कृति, हिन्दू एकता, सामाजिक समरसता तथा धार्मिक परंपराओं को सशक्त रूप से समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना है।
यात्रा तीन प्रमुख वाहनों के साथ निकाली गई है। पहले वाहन पर भजन मंडली द्वारा निरंतर धार्मिक भजनों का गायन किया जा रहा है, दूसरे वाहन पर संत-महात्मा मौजूद हैं, जबकि तीसरे वाहन पर 11 फीट चौड़ा और 40 फीट लंबा विशाल महा त्रिशूल श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना हुआ है। यह यात्रा सिवनी, जबलपुर, मैहर और रीवा जैसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक नगरों से होते हुए प्रयागराज पहुंची है।
यात्रा से जुड़े प्रमुख संकल्पों में भारत को हिन्दू राष्ट्र घोषित करने की मांग, गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा, अयोध्या, काशी और मथुरा में मांस एवं मदिरा निषेध, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण, धार्मिक प्रतीकों के संरक्षण, घर-घर तुलसी माता की स्थापना, संध्या दीपक प्रज्वलन तथा परिवार सहित रामचरितमानस पाठ को बढ़ावा देना शामिल है। साथ ही मंदिरों में सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित कर सामाजिक समरसता स्थापित करने की परिकल्पना भी की गई है।

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