चकबन्दी प्रक्रिया में अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई, संतकबीरनगर के सहायक चकबन्दी अधिकारी निलंबित
ओजस्वी किरण ब्यूरों लखनऊ
लखनऊ। चकबन्दी प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितता एवं पीड़ित परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने के प्रकरण में चकबन्दी आयुक्त, उत्तर प्रदेश डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने कड़ा रुख अपनाते हुए श्री रामदरश, सहायक चकबन्दी अधिकारी, जनपद संतकबीरनगर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई शासन की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के अंतर्गत की गई है।
जनपद संतकबीरनगर की तहसील धनघटा के ग्राम संठी में चकबन्दी प्रक्रिया के दौरान प्रथम दृष्टया नियमों के विपरीत मृतक प्रभुनाथ प्रजापति के परिजनों के मूल गाटा नंबरों में परिवर्तन कर ‘उड़ान चक’ प्रदर्शित किया गया। साथ ही समय रहते आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण नहीं किया गया। इस मामले में पूर्व में ही संबंधित लेखपाल को निलंबित किया जा चुका है।
चकबन्दी आयुक्त ने कहा कि भ्रष्टाचार अथवा नियमों की अवहेलना करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं दिया जाएगा। उन्होंने फील्ड में कार्यरत सभी चकबन्दी कर्मियों को निर्देशित किया कि वे चकबन्दी कार्यों का निष्पादन पूर्णतः नियमों, पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ करें। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय की प्रक्रिया का पालन करते हुए जनहित में उत्कृष्ट कार्य करना प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का दायित्व है। यदि कोई कर्मी इसमें लापरवाही बरतता है या नियमविरुद्ध कार्य करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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