पत्थर गिरजाघर में ‘ऐश वेडनेसडे’ पर विशेष प्रार्थना, 40 दिनों का उपवास शुरू
ओजस्वी किरण ब्यूरों
प्रयागराज। सिविल लाइंस स्थित ऐतिहासिक पत्थर गिरजाघर में बुधवार को ‘ऐश वेडनेसडे’ (राख का बुधवार) के साथ मसीही समाज के चालीस दिवसीय उपवास और आत्म-शुद्धि का पर्व ‘लेंट’ शुरू हो गया। इस अवसर पर गिरजाघर में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
इस मौके पर सिविल लाइंस सहित सेंट पीटर चर्च और सेंट पॉल चर्च में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। यह पर्व ईस्टर से लगभग साढ़े छह सप्ताह पूर्व आता है और प्रभु यीशु मसीह के 40 दिनों के उपवास की स्मृति दिलाता है।
डॉ. विनिता यूसीबियस ने कहा कि ऐश वेडनेसडे हमें यह स्मरण कराता है कि तू मिट्टी से बना है और मिट्टी में ही लौटेगा। यह नश्वरता का बोध हमें अपने जीवन का आत्मविश्लेषण करने और ईश्वर की ओर लौटने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि लेंट के इन 40 दिनों में केवल शारीरिक उपवास ही नहीं बल्कि हृदय की शुद्धि भी आवश्यक है। यह समय प्रार्थना, दान और पड़ोसी की सेवा के माध्यम से आत्मचिंतन करते हुए ईस्टर के पुनरुत्थान की ओर बढ़ने का है।
प्रार्थना सभा में डॉ. ललित यूसीबियस, अनुकृति जोशी, सुशांत मल, रोशिनी शुक्ला, राजनाथ शुक्ला सुनील कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।

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