रिसर्च मेथडलॉजी राष्ट्रीय कार्यशाला के चौथे दिन अनुसंधान तकनीकी पर हुआ मंथन

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रिसर्च मेथडलॉजी राष्ट्रीय कार्यशाला के चौथे दिन अनुसंधान तकनीकी पर हुआ मंथन

ओजस्वी किरण ब्यूरों

प्रयागराज। नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, प्रयागराज में शिक्षक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित एवं भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद की ओर से पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के चौथे दिन, तीन तकनीकी सत्र का आयोजन हुआ जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया।

प्रथम सत्र में बताैर मुख्य अतिथि नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय के लोकायुक्त, न्यायमूर्ति एस.एन.अग्निहोत्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि शोध का समाजोपयोगी होना बहुत जरूरी है। प्रथम सत्र के मुख्य वक्ता शोध निदेशक डॉ आशीष शिवम रहे जिन्होंने समाज में प्रयोगात्मक शोध पर विस्तार से चर्चा की। अधिष्ठाता विधि संकाय डॉ. स्वप्निल त्रिपाठी ने अध्यक्षता किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. राघवेंद्र मालवीय तथा संचालन डॉ.शन्तेस्वर मिश्र ने किया।

द्वितीय सत्र के मुख्य वक्ता डॉ. अखिलेंद्र नाथ त्रिपाठी, सहा. आचार्य, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा,बिहार। अध्यक्षता प्रो.राजेश केसरी, अधिष्ठाता, प्रबंधन, संचालन रामेंद्र तिवारी तथा धन्यवाद डॉ. विधु शेखर पांडे ने किया। 

तृतीय सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. आरती उपाध्याय, विभागाध्यक्ष, शिक्षाशास्त्र राजकीय पी.जी. कॉलेज शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश रहे जिन्होंने व्यवस्थित संबंधित साहित्य का सर्वेक्षण विषय पर विस्तार से चर्चा की। अध्यक्षता डॉ. आलोक त्रिपाठी तथा संचालन श्रीमती प्रतिमा मिश्रा एवं धन्यवाद ज्ञापन सुश्री काजल मिश्रा ने किया। इस अवसर पर डॉ. वीरेंद्र मणि त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष शिक्षक शिक्षा विभाग, शिवाश्रेय यादव, डॉ. छाया मालवीय, डॉ आलोक मिश्रा, डॉ विधु शेखर, डॉ अभिषेक तिवारी, डॉ.ममता मिश्रा, डॉ पुष्पांजलि, डॉ यास्मीन बानो, धर्मेंद्र सिंह, डॉ मनीष सिंह, रतन पांडे, विकास जी, राजीव पांडे सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं शोधार्थियों की प्रतिभागिता रही।

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