कंपनी बाग में मधुमक्खियों का हमला, 52 छात्राएं जख्मी , तीन की हालत नाजुक
जख्मी बच्चियां एसआरएन एवं चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती, चारो तरफ मची रही अफरातफरी, प्राथमिक उपचार के बाद कुछ छात्राएं गई घर
ओजस्वी किरण ब्यूरो
प्रयागराज।चंद्रशेखर आजाद पार्क में शुक्रवार को शैक्षणिक भ्रमण को आईं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। अचानक हुए हमले से छात्राओं और शिक्षकों में भगदड़ मच गई। मधुमक्खियों के हमले से 52 छात्राएं घायल हो गईं। जिन्हें एसआरएन और चिल्ड्रेन अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसमें तीन छात्राओं की हालात गंभीर होने पर आईसीयू में भर्ती किया गया है। घटना की जानकारी होते ही विभागीय अधिकारी भी अस्पताल पहुंच गए।
गंगापार के चार ब्लॉक फूलपुर, सैदाबाद, प्रतापपुर व बहादुरपुर की कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की कुल 101 छात्राओं का शुक्रवार को शैक्षणिक भ्रमण था। शिक्षकों के साथ बस से छात्राएं चंद्रशेखर आजाद पार्क पहुंची। दोपहर करीब दो बजे अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। मधुमक्खियों के हमले से चीखते-चिल्लाते हुए छात्राएं दौड़ने लगी। बीच बचाव के दौरान कुछ शिक्षकों को भी मधुमक्खियों ने डंक मारकर घायल कर दिया। शिक्षकों की सूचना पर विभागीय अधिकारियों ने तत्काल एंबुलेंस से छात्राओं को अस्पताल भेजा। इसमें घायल 42 छात्राओं को एसआरएन अस्पताल और दस छात्राओं को चिल्ड्रेन अस्पताल भर्ती कराया गया। इसमें तीन छात्राओं की स्थिति गंभीर देखते हुए एसआरएन अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है। विभागीय सूत्रों की मानें तो मधुमक्खियों के हमले से प्रतापपुर की हिमांशी, दिव्यांशी, पलक, राधा व पलक, सैदाबाद की निहारिका, सोनिका व रागिनी, बहादुरपुर की श्वेता, संस्कृति व काजल और फूलपुर ब्लॉक की प्राची, रागनी, आरोही, प्रिया, नंदनी, संजना व आंचल समेत अन्य छात्राएं घायल हुई थीं। हालांकि, देर शाम अन्य छात्राओं का उपचार कर छुट्टी दे दी गई।
घटना की जानकारी पर भागते-भागते आये परिजन
चंद्रशेखर आजाद पार्क में शुक्रवार को शैक्षणिक भ्रमण को आईं कस्तूरबा गांषी आवासीय विद्यालय की छात्राओं पर मधुमक्खियों के इमले की सूचना मिलते ही परिजन अस्पतालों की ओर सागे। अस्पताल परिसर में परिजनों की नकार एवं अपनों की तलाशने की बेचैनी से महौल गमगीन हो गया। डिस्ट्रिक्ट को आर्डिनेटर संतोष तिवारी ने बताया कि टूर पूरी तरह अधिकृत था। अस्पताल स्रोतों के अनुसार, सगों की स्थिति अब स्थिर हो रही है। वहीं पार्क प्रबंधन ने छत्तों की तलाश शुरू कर दी है।
प्राथमिक उपचार के बाद कुछ छात्राएं गयीं घर
स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल एवं चिल्ड्रेन अस्पताल के डाक्टरों ने बताया कि जरूरी दवाओं के साथ प्राथमिक उपचार के बाद अधिकांश पच्चियों की स्थिति सामान्य होने पर छात्राओं को अस्पाल से छुट्टी दे दी गयी। शिक्षक शिक्षकाओ के साथ परिजनों ने बच्चों को अपने साथ घर पर ले गये। विशेषज्ञों का मानना है कि सर्दी के बाद मौसम बदलने से मधुमक्खिया आ जाती हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने जांच के जादेश दिए हैं और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय सुझाए हैं।

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