शराब पिलाने के बाद पीट-पीटकर हत्या,फिर शव दफनाया, तीन गिरफ्तार
ओजस्वी किरण ब्यूरों
प्रयागराज। शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के कल्याणपुर गांव में जमीन में दफन शव मिलने के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। युवक की बेरहमी से हत्या की गई थी। उसे पहले शराब पिलाकर पीट-पीटकर मौत के घाट उतारा गया और फिर उसका शव जमीन में दफना दिया गया। कत्ल की वजह यह थी कि मारा गया युवक मुख्य आरोपी की बेटी से बात करता था। इस मामले में मुख्य आरोपी समेत तीन को हिरासत में लिया गया है।
ज्ञात हो कि शंकरगढ़ में 24 फरवरी की सुबह कल्याणपुर गांव में नाले के पास टंडन वन गांव के रहने वाले कृष्णा आदिवासी (27) की लाश जमीन में दफन मिली थी। वह सात दिन से लापता था। 17 फरवरी की सुबह वह मजदूरी पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। इसके बाद वह नहीं लौटा। रात होने पर घरवाले खोजबीन में जुटे। आसपास के साथ ही रिश्तेदारों से भी पूछा लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला।
उसका शव दो टुकड़ों में मिला था। परिवारवालों ने हत्या की आशंका जताते हुए यह भी दावा किया था कि उसके दोनों हाथ भी कलाई से कटे हुए थे। शंकरगढ़ पुलिस इस मामले को हादसा बताती रही। दरअसल शव तब बरामद हुआ जब नाले के पास की जमीन की खुदाई हो रही थी। शव दो टुकड़ों में मिलने के बाबत स्थानीय पुलिस यह कहती रही कि जेसीबी की चपेट में आने से शव कट गया।
उधर परिवारवाले लगातार हत्या की आशंका जताते रहे। उनका यह भी कहना था कि कृष्णा का फोन गायब है और उसे आखिरी बार किसी ने फोन कर बुलाया था। भाई राकेश ने बताया था कि रोज वह मजदूरी पर जाता था और घर से निकलने से पहले उसने शटरिंग के काम के लिए जाने की बात बताई थी। हालांकि फोन आने पर उसे बालू ढुलाई के लिए बुलाया गया था। उसने संदेह जताया था कि रोज जब वह मकान निर्माण के काम में मजदूरी के लिए जाता था तो आखिर उस दिन उसे कोई बालू ढुलाई के लिए क्यों ले गया।
पुलिस के अनुसार उसके मोबाइल की सीडीआर निकलवाने पर कुछ अहम क्लू मिले। पता चला कि आखिरी बार उसकी किन लोगों से और कितनी देर बात हुई। इसी आधार पर कुछ संदिग्धों को उठाया गया। इन्हीं में से एक शंकरगढ़ का ही रहने वाला कोल बिरादरी का एक व्यक्ति भी था। पहले तो वह कृष्णा से मिलने की बात से ही इंकार करता रहा लेकिन उसकी कई बातों में विरोधाभास था और इस वजह से वह मुख्य संदिग्ध बन गया।
सख्ती से पूछताछ किए जाने पर उसने जो खुलासा किया, उसे सुनकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए। उसने बताया, कृष्णा मेरे ही साथ उठता बैठता था लेकिन उसकी नीयत सही नहीं थी। उस पर मैंने भरोसा किया, घर में बैठाया। लेकिन उसने मेरे ही साथ दगा किया। मेरी ही बेटी पर बुरी नजर रखने लगा। मुझसे छिपकर उससे बातें करता था। जब मुझे पता चला, मेरा खून खौल उठा। इसके बाद ही मैंने ठान लिया कि उसे सबक सिखाकर रहूंगा।
पुलिस के अनुसार तय योजना के मुताबिक उसने अपने दो दोस्तों को भी तैयार किया। 17 फरवरी को कृष्णा को बुलाया और फिर तीनों ने साथ में शराब पी। कृष्णा को शराब पिलाकर धुत कर दिया और फिर मौका पाकर उसे दबोच लिया। इसके बाद उसे रॉड से पीट-पीटकर मार डाला। फिर लाश को जमीन में दफना कर भाग निकले। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच पड़ताल में पता चला कि आरोपी पहले भी मां-बेटी की हत्या में जेल जा चुका है। उससे पूछताछ के बाद घटना में शामिल दो अन्य लोगों को भी हिरासत में ले लिया गया।
डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया, तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा।

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