सहकारी बैंक कार्मिकों की ज्वलत समस्याओं पर हुई चर्चा
ओजस्वी किरण ब्यूरो
लखनऊ। लख़नऊ संवाद में उठा कोआपरेटिव बैंक एकीकरण का मुद्दा सहकारी बैंक कार्मिकों की ज्वलत समस्याओं पर हुई चर्चा लखनऊ। कोआपरेटिव बैंक वर्कर्स यूनियन उ.प्र. की प्रथम कर्मचारी सवांद, परिचर्चा बैठक, लखनऊ में सम्पन्न हुई। इस परिचर्चा में केन्द्र सरकार की दूरगामी नीति की तर्ज पर प्रदेश के सभी सहकारी बैंकों के एकीकरण और सहकारी बैंक कार्मिकों की ज्वलंत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। परिचर्चा में संगठन के मण्डलीय एवं जनपदीय विस्तार का निर्णय लिया गया। विभिन्न प्रकार की समस्याओ से पीड़ित उ.प्र. में कार्यरत सहकारी बैंको के कर्मचारियों की एक संवाद, परिचर्चा बैठक डिप्लोमा इंजीनियर ‘संघ भवन’ के सभागार मे सम्पन्न हुई। संवाद बैठक की अध्यक्षता संगठन अध्यक्ष विशाल त्रिवेदी ने की। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व वरिष्ठ सहकारी कर्मचारी नेता एस.एन. मिश्रा की गरिमामयी उपस्थिति रही। संवाद कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री शिशिर शर्मा, प्रदेश उपमहामंत्री रौनिक भारद्वाज, दीवान सिंह कुंतल ने विस्तार से समस्याओं और उनके निदान पर अपने विचार रखे। मंच का संचालन प्रदेश संगठन मंत्री नरेश द्विवेदी द्वारा किया गया। संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदो से भारी संख्या मे कर्मचारियों ने अपने विचार रखते हुए बताया कि प्रदेश की कई जिला सहकारी बैंको में कर्मचारियों की भविष्य निधि बैंक में गठित भविष्य निधि ट्रस्ट में जमा होती है जबकि कई जिला सहकारी बैंको मे कार्यरत कर्मचारियों के भविष्य निधि की धनराशि भविष्य निधि संगठन में जमा हो रही है। बैठक मे यह निर्णय लिया गया कि सभी बैंको के कर्मचारियों की भविष्य निधि की धनराशि भविष्य निधि संगठन में जमा होनी चाहिए जिससे कर्मचारी अधिक ब्याज, पेंशन एवं ईपीएफओ की तरफ से मिलने वाले बीमा का लाभ ले सके। प्रदेश की सभी जिला सहकारी बैंको मे कर्मचारियों की भारी कमी है। विगत कई वर्षों से जिला सहकारी बैंको मे कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई है। आने वाले वर्षों मे कई कर्मचारीयों की सेवानिवृत्ति को द्रष्टिगत रखते हुए प्राथमिक सहकारी समितियों की तर्ज पर समस्त केंद्रीय सहकारी बैंको मे कार्मिको की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष के स्थान पर 62 वर्ष किया जाए। उ.प्र. सहकारी समिति कर्मचारी सेवा विनियमावली 1975 के विनिमय संख्या-24 में संशोधन एवं अतिशीघ्र जिला सहकारी बैंको मे रिक्त पदो के सापेक्ष भर्ती कराई जाए। सभी जिला सहकारी बैंक के कार्मिको को” एक काम एक दाम” के अनुसार एक समान वेतन निर्धारण के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। इसके साथ दुर्बल 16 जिला सहकारी बैंको सहित प्रदेश कि अन्य जिला सहकारी बैंको के कार्मिको को समान वेतन का लाभ दिया जाए। जिला सहकारी बैंकों मे सहकारिता से जुड़े समस्त विभागो के विभागीय खातो के साथ-साथ अन्य सरकारी विभागो के खाते खुलवाने हेतु शासन स्तर पर कई बार मांग की गयी है किन्तु आज तक जमीनी स्तर पर इसका क्रियान्वयन नहीं हुआ है। बैठक में ये निर्णय लिया गया कि इस लंबित मांग को सख्ती से लागू कराया जाये जिससे सहकारी बैंक आर्थिक रूप से मजबूत हो सके। प्रदेश के अधिकांश जिला सहकारी बैंको मे कर्मचारियों को मेडिकल क्लेम का लाभ प्राप्त नहीं हो रहा है। लंबित मेडिकल क्लेम का अविलंब उनके भुगतान कराये जाए। कामर्शियल बैंको कि तर्ज पर उत्तर प्रदेश की 50 जिला सहकारी बैंको को उ.प्र. कोआपरेटिव बैंकों का केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय स्तर पर संगठन द्वारा ठोस पहल करते हुए विलयनीकरण कराया जाए। वर्ष 2012 से 2017 के मध्य नियुक्त कर्मचारियों को कई जिला सहकारी बैंकों में पूर्ण सेवाशर्तों जिसमें सीसी लिमिट, ऋण की सुविधा, वार्षिक वेतनवृद्धि, पदोन्नति इत्यादि का लाभ प्रदान नहीं हो पा रहा है। जिससे इस वर्ग में घोर निराशा है। बैठक मे निर्णय लिया गया कि वर्ष 2012 से 2017 के मध्य नियुक्त कर्मचारियों जिन्हे पूर्ण सेवाशर्तों का लाभ नहीं मिल रहा उनके लिए संगठन द्वारा ठोस कदम उठाये जाएगे। समिति स्तर से बैंक शाखाओ में आने वाले के०सी०सी० ऋण आवेदन पत्रो के साथ-साथ अन्य अभिलेखो पर ब्लॉक स्तरीय अथवा तहसील स्तरीय सहकारी अधिकारी द्वारा प्रतिहस्ताक्षरित होने के उपरांत ही अभिलेखो का बैंक शाखाओ मे प्रेषण सुनिश्चित कराने और प्रदेश में समस्त सहकारिता विभाग जो जिला सहकारी बैंको के बकायेदार है उनसे वसूली हेतु प्रभावी कार्यवाही पर जोर दिया गया। संवाद बैठक में निर्णय लिया गया कि सहकारी बैंको की 11 ज्वलंत समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन तैयार कर अतिशीघ्र मुख्यमंत्री, सहकारिता मंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव सहकारिता को देने के 15 दिनों के उपरान्त एक प्रान्तीय बैठक का आन्दोलन का निर्णय लिया जाएगा। बैठक के उपरांत पहलगाम हमले में शहीद हुए निर्दोष नागरिकों एवं आगरा यूनिट के अध्यक्ष स्व० विनोद सागर की आत्मा की शांति हेतु दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी। बैठक में ओमचंद शुक्ला, मोहम्मद जुहेब, प्रशांत बाल्यान, अनिल कुमार, विनोद कुमार गौतम, मनीष शर्मा, सर्वेश कुमार, रामदेव बिन्द, राजकुमार, विकास गुप्ता, नेत्रपाल सिंह, शेलेन्द्र मिश्रा, रवींद्र सिंह, आशु द्विवेदी, राहुल यादव, महेश शर्मा, रमेश चंद, माधुरी सिंह ने अपने विचार रखें।

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