लल्लू जी एंड संस के गोदाम में लगी भीषण आग, कई गैस सिलेंडर फटे

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लल्लू जी एंड संस के गोदाम में लगी भीषण आग, कई गैस सिलेंडर फटे

आग पर काबू पाने के लिए 20 फायर टेंडर लगाए गए

लाखों का नुकसान, कई फायरकर्मी आग की लपटों से झुलसे

 ओजस्वी किरण ब्यूरो प्रयागराज 

प्रयागराज। परेड मैदान के काली मार्ग स्थित लल्लू जी एंड संस के गोदाम में शनिवार सुबह करीब 7.15 बजे भीषण आग लग गई। इससे यहां मौजूद कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। यहां रखे कई गैस सिलेंडर भी फट गए, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

अग्निशमन टीम पहुंची और आग पर काबू पाने में जुट गई। इस दौरान कई फायरकर्मी आग की लपटों से मामूली रूप से झुलस गए। आग पर काबू पाने के लिए 20 फायर टेंडर लगाए गए हैं।

लल्लू जी एंड संस के गोदाम में टेंट से संबंधित सामान भरे थे। शनिवार सुबह अचानक पीछे बने गोदाम से कर्मचारियों ने धुआं उठता देखा। अभी कोई कुछ समझ पाता, इससे पहले आग की लपटें उठने लगीं। इससे सभी कर्मी बाहर भाग निकले। खबर पाकर मुख्य अग्निशमन अधिकारी डा. आरके पांडेय, अग्निशमन अधिकारी राजेश कुमार छह फायर टेंडर के साथ यहां पहुंचे। इस दौरान गोदाम में रखे कई गैस सिलेंडर फट रहे थे। धमाके व आग की लपटें देखकर राहगीरों की भी भीड़ जुट गई।

फायरकर्मियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की, लेकिन चल रही हवा से आग ने बड़ा रूप धारण कर लिया था। नैनी, झूंसी, हंडिया, सोरांव, फूलपुर समेत जिले के अन्य जगहों से फायर टेंडर मंगाए गए। प्रतापगढ़ व कौशांबी से भी फायरकर्मियों को बुलाया गया। इधर, फायरकर्मी गोदाम के भीतर दाखिल हुए तो आग की लपटों से कई के हाथ झुलस गए। कुछ ही देर में पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। हालांकि, आग पर अभी काबू नहीं पाया जा सका है। आग से लाखों रुपये की क्षति का अनुमान लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आग बुझने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने का नुकसान हुआ है।

आग कैसे लगी, किसी को नहीं पता

अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने गोदाम में मौजूद कर्मचारियों से आग लगने का कारण पूछा तो वह कुछ नहीं बता सके। सीफओ डा. आरके पांडेय का कहना है कि तीन वजह से आग लगने की आशंका है। पहली किसी ने जलती बीड़ी या सिगरेट फेंक दिया। दूसरी चूल्हे से निकली चिन्गारी और तीसरी शार्टसर्किट हो सकती है। हालांकि, यह तो जांच के बाद ही साफ होगा।

गोदाम से सामान हटाने की कही थी बात

अग्निशमन अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि गोदाम में टेंट का इतना भंडारण किया गया था कि उन्होंने खुद कई बार मैनेजर से कहा था कि इन सामानों को यहां से हटाया जाए, लेकिन उनकी बातों को लगातार अनसुना किया गया और इतना बड़ा हादसा हो गया।

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