केजीएमयू कि कुलपति  मांगें नहीं मानी तो आंदोलन करेगा : विहिप

1 min read

केजीएमयू कि कुलपति  मांगें नहीं मानी तो आंदोलन करेगा : विहिप

ओजस्वी किरण ब्यूरों

लखनऊ। विश्व हिन्दू परिषद ने आज आवाहन किया था हनुमान चालीसा का पाठ एवं केजीएमयू की कुलपति का पुतला फूंकने का परन्तु हमारे आंदोलन करने से पहले ही केजीएमयू प्रशासन ने 6सूत्रीय मांगों में 3 पर तत्काल सहमति दे दी और बाकी मांगो के लिए थोड़ा समय मांगा है, विश्व हिन्दू परिषद के संगठन मंत्री समरेंद्र प्रताप ने कहा कि हम साफ कर देना चाहते है कि मांगे न पूरी होने पर कुलपति का पुतला तो फूंकेंगे ही जरूरत पड़ी तो इतना बड़ा आंदोलन करेंगे कि कुलपति को इस्तीफा देना पड़ जाएगा चाहे हमें राज भवन तक क्यों न कूंच करनी पड़े। विश्व हिन्दू परिषद (बजरंग दल) ने केजीएमयू प्रशासन के सामने विभिन्न मांगे रखी।

बीते दिनों विश्व हिन्दू परिषद के ज्ञापन के बाद रमीज उद्दीन नायक को हिन्दू बालिका के साथ दुर्व्यवहार एवं अन्य गंभीर विषयों को लेकर सस्पेंड किया गया। हम उस कार्यवाही से पूर्ण रूप से संतुष्ट नहीं है उक्त व्यक्ति पर गंभीर धाराओं में मुकदमा भी दर्ज हुआ है, उक्त व्यक्ति के कारण विश्वविद्यालय की छवि धूमिल होने के साथ – साथ समाज का भी माहौल खराब हो रहा है अतः उक्त व्यक्ति को ब्लैकलिस्टेड किया जाए एवं उसका एडमिशन विश्वविद्यालय से निरस्त करें ।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बनाई गई कमेटी पर किसी भी रूप में भरोसा नहीं किया जा सकता विश्वविद्यालय के ऐसे गम्भीर मामलों की जांच विश्वविद्यालय प्रशासन सही से नहीं कर सकता हमें शक है कि सही बातें ऐसे विश्वविद्यालय द्वारा बनाई गई समिति के समक्ष नहीं आ सकती बहुत से लोग अपनी बात और सबूत रखने में ऐसी समिति के सामने डरेंगे अतः हमारी मांग है कि उक्त समिति को भंग कर विश्वविद्यालय प्रदेश सरकार को पत्र लिख कर इस मामले और अन्य इस प्रकार के मामलों की जांच एसटीएफ से अन्य उचित संस्था से कराने की मांग करे।

सैयद अख्तर अब्बास नामक व्यक्ति को जिसपर विभिन्न आरोप है उसको रिटायरमेंट के बाद भी विश्वविद्यालय में दायित्व दे कर रखा गया है जो कि अनुचित है उन्हें तत्काल कुलपति के ओएसडी पद से हटाया जाया,पूर्व में भी उक्त व्यक्ति की नियुक्ति पर एवं अन्य गंभीर आरोप लगे है उक्त व्यक्ति पर लगे आरोपों की एवं इनकी नियुक्ति की भी जांच प्रदेश सरकार के किसी संस्था से कराई जाए और दोषी पाए जाने पर समस्त रिकवरी की प्रक्रिया की जाए।

केजीएमयू के ही कई डॉक्टर्स द्वारा एवं अन्य माध्यमों से वाहिद अली नामक प्रोफेसर का कई मामलों में संलिप्तता में नाम आया बावजूद इसके उसे छुट्टी से लैब में बुला लिया गया, वो सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकता है या अन्य लोगों पर दबाव बना सकता है कि अंदर की बातें बाहर न आए अतः वाहिद अली को फैकल्टी इंचार्ज/लैब इंचार्ज के पद से हटाया जाए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और अन्य गवाह या व्यक्ति अपनी बात रख पाएं उनमें डर का भाव न हो।

जो मामले महिलाओं के साथ अन्याय, छेड़खानी और शोषण से संबंधित हैं या आते है भविष्य में उसके जांच के लिए जो भी समिति बनती है उसमें कम से कम 3लोग विश्वविद्यालय के बाहरी हो जिसमें कोई महिला आयोग का सदस्य,रिटायर्ड आईएएस/पीसीएस एवं रिटायर्ड जज हो और ऐसे मामलों में पुलिस को भी इसकी जानकारी दी जाए और कार्यवाही कराई जाए ।

आउटसोर्सिंग पर हो रही नियुक्तियों की भी जांच भी किसी बाहरी प्रदेश सरकार की संस्था से कराई जाए कि किसी विशेष वर्ग को लाभ तो नहीं दिया जा रहा।

विहिप ने कहा कि उक्त मांगो पर अतिशीघ्र उचित कार्यवाही करे अन्यथा विहिप वृहद आंदोलन को बाध्य होगा जिसकी जिम्मेदारी स्वयं आपकी होगी।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours