बहु फांसी लगाकर दी जान, मायका पक्ष ने लगाई मकान में आग, सास ससुर की भी हुई मौत
पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर भेजा पोस्टमार्टम के लिए
पुलिस ने रेस्क्यू कर पांच लोगों की बचाई जान,हत्या और आत्महत्या का आरोप को लेकर मायका व ससुरालियों बीच हुई जमकर तकरार
ओजस्वी किरण ब्यूरो प्रयागराज
प्रयागराज। मुट्ठीगंज के सत्ती चौरा पर देर रात उस समय भारी हंगामा, बवाल और आगजनी मच गई। जब एक विवाहिता की मौत को लेकर मायका पक्ष से जुड़े लोगों ने जमकर हंगामा काटा। अभी शादी के एक महीना के ऊपर ही हुआ था कि एक विवाहिता का शव उसके कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटकता हुआ मिला। शव को देख परिजनों में कोहराम मच गया। विवाहिता के हाथ में लगी मेहंदी भी सही तरह से नहीं छूटा था। मायका पक्ष के लोगों ने ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाकर जमकर
कहासुनी और विवाद करने लगे। बात आगे बढ़ी तो दोनों पक्षों के बीच जमकर तकरार हो गई। बताया जाता है कि मायका पक्ष के लोगों ने मकान में आग लगा दिए। घंटों कड़ी मशक्कत के बाद जब फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर पूरी तरह से काबू पाया गया तो देर रात बाद लगभग 3:00 बजे पुलिस ने मकान का सर्च किया तो दो लोगों का और शव बरामद किया गया।

पुलिस के मुताबिक बरामद शव मृतका की सास शोभा देवी और ससुर राजेंद्र प्रसाद केसरवानी का था। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। बताते हैं कि बीते 13 फरवरी को झलवा की रहने वाली अंशिका केसरवानी की शादी मुट्ठीगंज के रहने वाले राजेंद्र प्रसाद केसरवानी के पुत्र के साथ बड़ी धूमधाम के साथ हुई थी। लड़की पक्ष का आरोप है कि सगाई के बाद से ही दहेज की मांग अतिरिक्त और की जाने लगी। जो उसे भी पूरा किया गया। सोमवार रात लगभग 10:30 बजे के बाद लड़की पक्ष को ससुरालियों के द्वारा सूचना दी गई कि उनकी लड़की अपने कमरे का दरवाजा दोपहर बाद लगभग 3:00 बजे से ही बंद कर रखी है। मौके पर जब लड़की पक्ष से जुड़े कई लोग पहुंचे और किसी तरह दरवाजा खोल कर अंदर पहुंचे तो अंशिका केसरवानी का शव देख परिजनों में कोहराम मच गया। मायका पक्ष के लोगों ने ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाकर जमकर हंगामा करने लगे। इतना ही है दोनों पक्षों के बीच जमकर तकरार शुरू हो गई।

मौके पर आसपास के रहने वाले लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसी बीच मकान के निचले हिस्से को आग के हवाले कर दिया गया। देखते ही देखते आग विकराल रूप ले लिया। मकान के अंदर कई लोग आग की लपटों से घिर गए। लोग अपनी जान बचाने के लिए मकान के ऊपरी तल पर पहुंच गए। पुलिस मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के लिए कोशिश में जुट गई। वहीं पुलिस ने आग की लपटों के बीच फंसे पांच लोगों को बड़ी कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला। तब कहीं जाकर उन लोगों की जान बच पाई। दूसरी ओर मायका पक्ष के लोगों ने मृतका के पति पर आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की मांग को लेकर डटे रहे।

सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस व स्थानीय लोगों की मदद से आग पर घंटों कड़ी मशक्कत के बाद पूरी तरह से काबू पाया गया। देर रात बाद लगभग 3:00 मकान का सर्च किया गया तो अंदर दो शव और बरामद किया गया।
डीसीपी नगर दीपक भूकर ने बताया कि दोनों शवों की पहचान मृतका के ससुर राजेंद्र प्रसाद और सास शोभा देवी के रूप में की गई है। पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पुलिस प्रत्येक पहलुओं की जांच पड़ताल करने में जुटी हुई हैं।

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