सेहत न खराब कर दें पकवान, रखें ध्यान- डा. संदीप प्रजापति
संतुलित भोजन एवं पर्याप्त मात्रा में पीते रहें पानी
ओजस्वी किरण ब्यूरो
प्रयागराज। होली रंगों के साथ ही स्वादिष्ट व्यंजनों का भी पर्व है। घर-घर में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं, वहीं बाजार में भी गुझिया और चिप्स-पापड़ सहित खानपान के वस्तुओं की भरमार है। ऐसे में अनियमित और अधिक भोजन से डिहाइड्रेशन, अपच, एसिडिटी, वजन बढ़ना और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार थोड़ी सी सावधानी बरतकर हम खानपान से होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बच सकते हैं। एसआरएन गैस्ट्रोएंटरोलाजी विभाग के सहायक आचार्य डा. संदीप प्रजापित ने बताया कि होली में आमतौर पर लोग दिनभर व्यस्त रहते हैं। रंग खेलने के साथ ही एक दूसरे यहां का भी आनंद लेते हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते। इससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जो सिरदर्द, थकान और कमजोरी का कारण हो सकता है। वहीं चाय, काफी, कोल्ड ड्रिंक्स और एल्कोहल जैसे कैफीनयुक्त पेय से बचना बेहतर होगा, क्योंकि ये शरीर में पानी की कमी को और बढ़ा देते हैं। त्योहारी खाने में तला-भुना और मसालेदार भोजन अधिक होता है, जिससे एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएं बहुतायत में होती हैं। इसलिए, आहार में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ, हरी सब्जियां और सलाद शामिल करना चाहिए। होली खेलने से पहले हल्का और पौष्टिक नाश्ता जरूर करना चाहिए। त्योहार के दिन अधिक मिठाइयों और स्नैक्स के सेवन से बचना जरूरी है। इससे पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं और कई दिनों तक पेट फूलने की परेशानी बनी रह सकती है। संभव हो तो रात को हल्का आहार लें जिससे शरीर को संतुलित करने में मदद मिल सके। अगर रात में भूख लगे तो मूंग दाल की खिचड़ी, दाल-चावल या सूप लेना बेहतर रहेगा। नींबू पानी, नारियल पानी या छाछ का सेवन करना लाभकारी होगा। त्योहार के बाद शरीर को डिटॉक्स करना भी जरूरी है। इसके लिए सुबह खाली पेट गुनगुना पानी का सेवन करें।

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