टीजीटी और एलटी ग्रेड भर्ती के लिए टीईटी अनिवार्य,हाईकोर्ट ने दिया आयोग शुद्धि पत्र जारी करने का निर्देश, कहा- भर्ती केवल 9वीं और 10वीं के अध्यापकों लिए
ओजस्वी किरण ब्यूरों
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टीजीटी/ एलटी ग्रेड की नई भर्तियों में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को अनिवार्य करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अधीनस्थ शैक्षिक (प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी) सेवा नियमावली-1983 के नियम 8 में उल्लेखित योग्यताओं के साथ अब टीईटी पास होना भी जरूरी होगा। कोर्ट ने लोकसेवा आयोग को टीजीटी अध्यापक भर्ती विज्ञापन में यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि यह भर्ती कक्षा 9 और 10 में पढ़ाने वाले अध्यापकों के लिए निकाली गई है। यह आदेश जस्टिस अरिंदम सिन्हा और जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने जयहिंद यादव व अन्य की याचिका पर दिया है।
प्रयागराज के रहने वाले जयहिंद ने 28 जुलाई, 2025 को निकाली गई एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती की पात्रता को चुनौती देते हुए याचिका दायर की। याचिका में उप्र अधीनस्थ शिक्षा (टीजीटी) नियमावली 1983 के नियम 8 को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई थी। क्योंकि भर्ती विज्ञापन एनसीटीई की अधिसूचना 23 अगस्त 2010 के विपरीत है।
याचिका पर अधिवक्ता तानिया पांडेय, राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता कार्तिकेय सरन और एनसीटीई के अधिवक्ता वैभव त्रिपाठी ने बहस की। इसमें दलील दी कि वर्तमान एलटी ग्रेड भर्ती में आरटीई अधिनियम-2009 का उल्लंघन किया गया है। लोक सेवा आयोग के विज्ञापन में स्पष्ट नहीं था कि भर्ती किस कक्षा के शिक्षण कार्य के लिए की जा रही है और किस कैडर के तहत हो रही है।
हाईकोर्ट ने इन तथ्यों को गंभीरता से लिया कि शिक्षा के अपर निदेशक के हलफनामे में स्वीकार किया गया है कि प्रदेश में 904 ऐसे संस्थान हैं, जहां कक्षा 6 से कक्षा 12 तक की शिक्षा दी जाती है। ऐसे में आयोग का यह दावा कि कक्षा छह से आठ तक के पदों पर कोई रिक्ति नहीं है, तार्किक प्रतीत नहीं हुआ। याची ने दलील दी कि सर्टिफिकेट ऑफ टीचिंग (सीटी) काडर को डाइंग घोषित कर इसे एलटी कैडर (टीजीटी ग्रेड) में पहले ही मिला दिया गया है। ऐसे में टीईटी पास योग्यता अनिवार्य है।

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