यूपी पुलिस होगी और हाईटेक..
थानों की सीसीटीवी फुटेज की होगी लाइव मॉनिटरिंग, 12 जिलों में शुरू होगी डिजिटल वायरलेस सेवा : मुख्यमंत्री
ओजस्वी किरण ब्यूरों
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को तकनीक के माध्यम से और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पुलिस रेडियो यूनिट को मजबूत और आधुनिक करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की लोकेशन, मूवमेंट और संचार गतिविधियों की गोपनीयता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
थानों के लिए बनेगा सेंट्रल डैशबोर्ड
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा और पारदर्शिता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के सभी पुलिस थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा है। इसके लिए एक सेंट्रल डैशबोर्ड विकसित किया जाएगा, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी निर्बाध और सुरक्षित संचार व्यवस्था को संचालित किया जा सके।
दो नए विभागीय मुख्यालयों पर विचार
बेहतर पर्यवेक्षण और प्रभावी निगरानी के लिए विभागीय ढांचे को और मजबूती दी जा रही है। बैठक में प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए दो नए मुख्यालयों की स्थापना पर चर्चा की गई।
डीआईजी रेडियो (पूर्वी) : इसका मुख्यालय आजमगढ़ में स्थापित करने पर विचार किया गया।
डीआईजी रेडियो (पश्चिमी): इसका मुख्यालय अलीगढ़ में बनाने की योजना है।
₹47 करोड़ की कार्ययोजना और लखनऊ के लिए विशेष व्यवस्था
समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के 12 जनपदों में 47 करोड़ रुपये की लागत से डिजिटल वायरलेस सेवाएं शुरू करने की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। इसके साथ ही, राजधानी लखनऊ की पुलिस कमिश्नरेट के लिए एक आधुनिक हैंड हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था विकसित किए जाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
पूरी तरह डिजिटल होगा पुलिस कर्मियों का सेवा रिकॉर्ड
प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी पुलिस कार्मिकों का डेटा ‘मानव सम्पदा पोर्टल’ पर पूरी तरह अद्यतन (अपडेट) रखा जाए। पुलिसकर्मियों की चरित्र पंजिका (कैरेक्टर रोल), अवकाश (लीव) और अन्य सेवा संबंधी सभी कार्य अब पूर्णतः डिजिटल माध्यम से ही संचालित किए जाएंगे।
तकनीक और कंप्यूटर का मिलेगा नियमित प्रशिक्षण
बदलते दौर के साथ तालमेल बिठाने के लिए मुख्यमंत्री ने कार्मिकों की स्किलिंग पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिसकर्मियों को नवीनतम तकनीकों, कंप्यूटर संचालन और संचार गुणवत्ता में सुधार से जुड़े प्रशिक्षण नियमित रूप से दिए जाएं, ताकि वे तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बन सकें।

+ There are no comments
Add yours