पिछली सरकारों ने मछुआ समाज को सिर्फ वोट बैंक समझा, मोदी-योगी सरकार में मिल रहा असली हक”: डॉ. संजय निषाद

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पिछली सरकारों ने मछुआ समाज को सिर्फ वोट बैंक समझा, मोदी-योगी सरकार में मिल रहा असली हक”: डॉ. संजय निषाद

जालौन मेडिकल कॉलेज में मत्स्य पालकों की गोष्ठी एवं प्रमाण पत्र वितरण समारोह संपन्न, कैबिनेट मंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना

 ओजस्वी किरण ब्यूरों 

​जालौन। उत्तर प्रदेश सरकार के मत्स्य विभाग के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय कुमार निषाद ने आज जालौन के मेडिकल कॉलेज सभागार में आयोजित मत्स्य पालकों की गोष्ठी एवं प्रमाण पत्र वितरण समारोह को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मछुआ समाज के उत्थान, राजनीतिक षड्यंत्रों और आरक्षण के मुद्दे पर बेबाकी से अपनी बात रखी।

योजनाओं से मिल रही आर्थिक मजबूती, ‘निषादराज बोट योजना’ बदल रही तकदीर

​सभा को संबोधित करते हुए डॉ. संजय निषाद ने कहा कि वर्षों तक पिछली सरकारों ने मछुआ समाज और मत्स्य पालकों को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया और उनके विकास के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई।

​उन्होंने कहा ​”आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मछुआ समाज के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। निषादराज बोट योजना, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना और मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं से समाज को रोजगार और आर्थिक मजबूती मिल रही है।”

​”दल और दलाल में बड़ा अंतर”, वीरांगना फूलन देवी हमारी विरासत

​कैबिनेट मंत्री ने समाज को बांटने वाली ताकतों पर प्रहार करते हुए कहा कि बहन वीरांगना फूलन देवी हमारी विरासत हैं और समाज की अस्मिता व सम्मान का प्रतीक हैं। हम अपनी विरासत को किसी को छीनने नहीं देंगे।

​उन्होंने समाज से संगठित रहने की अपील करते हुए एक बड़ा संदेश दिया

​सच्चे साथी बनाम स्वार्थी तत्व: “दल और दलाल में बहुत बड़ा अंतर होता है। जो समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करते हैं, वही सच्चे साथी हैं। कुछ लोग व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए समाज को गुमराह कर रहे हैं।”

​बुंदेलखंड को चेतावनी : चुनाव नजदीक आते ही नए-नए लोग भ्रम फैलाने आएंगे। विशेषकर बुंदेलखंड की जनता को ऐसे ठगों से सजग रहने की जरूरत है।

आरक्षण पर विपक्ष को घेरा: “70 साल तक चुप रहने वाले आज 5 साल का हिसाब मांग रहे हैं”

​आरक्षण के मुद्दे पर पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए डॉ. निषाद ने विरोधियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि जो लोग आज निषाद पार्टी से आरक्षण पर सवाल पूछ रहे हैं, उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने पिछले 70 वर्षों में मछुआ, निषाद, बिंद, केवट, कश्यप, रायकवार समाज के हक के लिए क्या किया?

​उन्होंने दावा किया कि निषाद पार्टी ने बीते 5 वर्षों में सड़क से लेकर संसद और सरकार तक आरक्षण की लड़ाई को मजबूती से लड़ा है और देश के प्रधानमंत्री के समक्ष इस मुद्दे को इतनी गंभीरता से पहले कभी नहीं उठाया गया था।

“आरक्षण मिला तो एक क्षण में छोड़ दूंगा सत्ता और कुर्सी”

​डॉ. संजय निषाद ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा:

​”यदि भारतीय जनता पार्टी मछुआ समाज को उसका आरक्षण का अधिकार दिला देती है, तो निषाद पार्टी सत्ता और कुर्सी का त्याग करने में एक क्षण भी नहीं लगाएगी। हमें कुर्सी का मोह नहीं है, समाज का उत्थान, सम्मान और अधिकार ही हमारी पहली प्राथमिकता है।”

​अंत में उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं और समाज के लोगों से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने और ‘अपने दल (अपने घर)’ के साथ मजबूती से एकजुट रहने का आह्वान किया।

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