कानपुर में फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़: AI तकनीक से 500 से अधिक युवक ठगे गए
कानपुर ब्यूरो रिपोर्ट
कानपुर में फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें AI तकनीक से 500 से अधिक युवक ठगे गए हैं। शातिर ठगों ने रिश्तों के नाम पर शहर के सैकड़ों युवाओं को अपने जाल में फंसाकर लूट लिया है। पुलिस ने नौबस्ता और किदवई नगर में छापेमारी कर इस हाई-टेक रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो डिजिटल युग में रिश्तों के नाम पर एक घिनौना खेल चला रहा था।
AI तकनीक का खतरनाक इस्तेमाल
इस रैकेट का मास्टरमाइंड रंजीश कुमार गौड़ है। उसने फर्जी कॉल सेंटर को MSME में पंजीकृत करा रखा था। ये ठग सोशल मीडिया से युवकों का डेटा जुटाते थे और इंटरनेट से लड़कियों की तस्वीरें चुराते थे। इन तस्वीरों को AI तकनीक से और अधिक आकर्षक बनाया जाता था। युवक इन फर्जी तस्वीरों को देखकर आसानी से झांसे में आ जाते थे।
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23 युवतियों का ठगी नेटवर्क
इस कॉल सेंटर में 23 युवतियां ‘मैरिज काउंसलर’ बनकर काम कर रही थीं। इनका काम युवकों को कॉल करके शादी का झांसा देना था। ये युवतियां युवकों को भावनात्मक बातों में फंसा लेती थीं। इसके बाद रजिस्ट्रेशन और मेंबरशिप के नाम पर लाखों रुपये मांगे जाते थे। पैसा मिलते ही ये लोग युवकों का नंबर तुरंत ब्लॉक कर देते थे।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
कानपुर साइबर पुलिस को लंबे समय से ठगी की शिकायतें मिल रही थीं। पुख्ता जानकारी के बाद पुलिस ने छापेमारी की तो भारी मात्रा में डेटा रिकॉर्ड्स बरामद हुए। पुलिस ने मुख्य आरोपी रंजीश कुमार गौड़ को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य सहयोगियों की तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।
ओजस्वी किरण की सलाह और सावधानी
ओजस्वी किरण की तरफ से सुझाव: ऑनलाइन मैट्रिमोनियल साइट्स या ब्यूरो पर आंख मूंदकर भरोसा करना आपके लिए भारी पड़ सकता है। आज के डिजिटल दौर में ठग ‘एआई’ (AI) का सहारा लेकर आपको धोखा दे रहे हैं। हमारा सुझाव है कि किसी भी मैरिज ब्यूरो को पैसे देने से पहले उनका दफ्तर जाकर भौतिक सत्यापन (Physical Verification) जरूर करें। किसी भी अनजान महिला या पुरुष के कहने पर रजिस्ट्रेशन शुल्क जमा न करें और यदि कोई ब्यूरो आपसे जल्दबाजी में पैसे मांगता है, तो सावधान हो जाएं।

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