वाराणसी-जौनपुर हाईवे पर ‘अग्नि-तांडव’: गेल सीएनजी स्टेशन में लगी भीषण आग, बाल-बाल बची बड़ी अनहोनी!
ओजस्वी किरण ब्यूरो
वाराणसी: धर्मनगरी वाराणसी की सीमा पर स्थित वाराणसी-जौनपुर हाईवे शुक्रवार की रात उस समय थर्रा उठा, जब करखियाव गांव के समीप स्थित गेल (GAIL) के मुख्य सीएनजी स्टेशन में आग की विकराल लपटें आसमान चूमने लगीं। देखते ही देखते आग ने इतना रौद्र रूप धारण कर लिया कि आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया।
ही दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुंचीं। गनीमत रही कि समय रहते मुख्य सप्लाई बंद होने से एक बड़ा हादसा टल गया और इस सीएनजी स्टेशन आग की खबर में किसी भी प्रकार की जनहानि की पुष्टि नहीं हुई।
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क्या था घटना का मंजर?
शुक्रवार रात करीब 9:00 बजे अचानक सीएनजी परिसर में आग की लपटें उठने लगीं। आग की ऊंचाई 40 से 45 फीट तक पहुंच गई थी, जिसने रात के अंधेरे को दिन के उजाले में बदल दिया। जहां शुरुआती चर्चाएं वाहन में रिफिलिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट की थीं, वहीं गेल इंडिया लिमिटेड के आधिकारिक बयान ने स्पष्ट किया कि इलाके में आए तेज तूफान के चलते स्टोर यार्ड में रखे प्लास्टिक (MDPE) पाइप स्टॉक में बाहरी चिंगारी के कारण आग सुलग उठी थी।
प्रशासन की मुस्तैदी: टला बड़ा खतरा
आग लगते ही स्थानीय स्तर पर सतर्कता का एक बेहतरीन उदाहरण देखने को मिला:
इमरजेंसी शटडाउन: गेल के कर्मचारियों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत इमरजेंसी बटन दबाकर मुख्य गैस सप्लाई को ठप कर दिया, जिससे एक बड़े विस्फोट की संभावना टल गई।
200 मीटर का घेरा: सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने 200 मीटर के दायरे को पूरी तरह खाली करा लिया।
ट्रैफिक डायवर्जन: हाईवे पर आवाजाही रोक दी गई और सुरक्षा बलों ने यातायात को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ दिया।
12 दमकल गाड़ियों की घंटों मशक्कत
वाराणसी और जौनपुर दोनों जनपदों से दमकल की 12 से अधिक गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। भीषण लपटों के बावजूद, दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग को मुख्य मशीनरी तक पहुंचने से रोक लिया। उपजिलाधिकारी (SDM) पिंडरा, प्रतिभा मिश्रा और स्थानीय पुलिस बल ने पूरी रात मौके पर डटकर स्थिति को नियंत्रित किया।
राहत की बात: शून्य जनहानि
इस अग्निकांड की सबसे सुखद खबर यह रही कि इसमें किसी भी प्रकार की जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है। गेल प्रशासन ने पुष्टि की है कि मुख्य सीएनजी स्टेशन की मशीनों को सुरक्षित बचा लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संज्ञान के बाद शासन स्तर से जांच के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में औद्योगिक सुरक्षा मानकों को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

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