माघ मेला क्षेत्र में नगर निगम एवं अन्य विभागों के साथ सहयोग करते हुए परिवहन निगम इलेक्ट्रिक बसों का करेगा संचालन : प्रबंध निदेशक

1 min read

प्रबंध निदेशक ने की परिवहन निगम मुख्यालय के सभागार कक्ष में प्रेसवार्ता

माघ मेला क्षेत्र में नगर निगम एवं अन्य विभागों के साथ सहयोग करते हुए परिवहन निगम इलेक्ट्रिक बसों का करेगा संचालन : प्रबंध निदेशक

प्रबंध निदेशक ने कहा कि 5000 चालक और10 हजार परिचालकों की भर्ती की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जायेगी

ओजस्वी किरण ब्यूरो लखनऊ 

लखनऊ । महाकुंभ-2025 को सफल बनाने के लिए उ0प्र0 परिवहन निगम अपनी तैयारी तेजी से कर रहा है। परिवहन निगम 07 हजार बसों का संचालन महाकुंभ के दौरान करेगा। शासन से निगम को अब तक डेढ़ हजार करोड़ रूपये प्राप्त हो चुके है, जिसका उपयोग परिवहन निगम इलेक्ट्रिक बसों के क्रम में करेगा। माघ मेला क्षेत्र में नगर निगम एवं अन्य विभागों के साथ सहयोग करते हुए परिवहन निगम इलेक्ट्रिक बसों का संचालन करेगा, जिससे कि मेला क्षेत्र प्रदूषण मुक्त रहे। बसों के चालक एवं परिचालक को मिलने वाला वर्दी भत्ता अक्टूबर के पहले सप्ताह तक उनके खाते में भेजा जायेगा, जिससे कि चालक एवं परिचालक वर्दी में रहें। चालक, परिचालक की वर्दी साफ सुथरी होनी चाहिए एवं उस पर नेम प्लेट पर भी लगा होना चाहिए। परिवहन निगम ग्रीन रूटों का चिन्हांकन करते हुए बसों के संचालन की तैयारी कर रहा है। परिवहन निगम 100 इलेक्ट्रिक बसो को क्रय करने का टेण्डर कर चुका है। इसके अलावा 120 इलेक्ट्रिक बसों के निविदा की प्रक्रिया गतिशील है।

यह बातें प्रबंध निदेशक परिवहन निगम मासूम अली सरवर ने आज प्रेसवार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि बसों के क्रय के अलावा परिवहन निगम प्रथम चरण में 23 उच्चस्तरीय एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं से युक्त बस टर्मिनल पीपीपी मॉडल पर बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रहा है। जिसमें से 11 बस स्टेशनों पर निर्माण कार्य चल रहा है। शेष 12 बस स्टेशनों के लिए कैबिनेट स्तर पर डिसीजन लिया जाना है। द्वितीय चरण में 50 बस स्टेशनों के निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी। भौतिक चिन्हांकन का कार्य किया जा चुका है। पीपीपी मॉडल पर बनने वाली उक्त स्टेशनों पर शासन की मंशानुसार इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि जरूरी सुविधायें यात्रियों को निःशुल्क उपलब्ध हों।

प्रबंध निदेशक ने कहा कि 5000 चालक और10 हजार परिचालकों की भर्ती की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जायेगी। इसके अलावा उ0प्र0 लोक सेवा आयोग एवं उ0प्र0 अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से भी नियमित विभागीय भर्तियां होनी हैं, जिसके लिए नियमों में संशोधन संबंधी प्रस्ताव शीघ्र ही शासन को भेजा जायेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार सरकार की मंशानुरूप प्रदेश के युवाओं को रोजगार के वृहद अवसर मिलने वाले हैं। परिचालकों की भर्ती में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कौशल विकास मिशन के साथ परिवहन निगम ने एमओयू किया है।

प्रबंध निदेशक ने कहा कि परिवहन निगम की गाड़ियां समय से एवं नियमित रूप से चले, इसके लिए परिवहन निगम के अधिकारियों की 15 दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न हुई है। डिपो से बसें समय से निकलें, परिचालकों को एटीएम मशीन इत्यादि उपलब्ध हों, इसके निर्देश दिये गये हैं। 100 चिन्हित बस स्टेशनों में 91 बस स्टेशनों पर डिस्प्ले बोर्ड लगाये जा चुके हैं, जिस पर बसों के आवागमन संबंधी सभी जानकारियां डिस्प्ले होती रहती हैं। इसके अलावा एनाउन्समेंट के लिए अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी परिवहन निगम कार्य कर रहा है, जिससे यात्रियों को जानकारी स्पष्ट प्राप्त हो सके। बसों के बेहतर संचालन के लिए मुख्यालय स्तर पर कन्ट्रोल रूम की स्थापना की जा चुकी है।

प्रबंध निदेशक ने कहा कि परिवहन निगम में लम्बे समय से मृतक आश्रितों की भर्ती प्रक्रिया रूकी हुई है। कोरोना काल में परिवहन निगम के घाटे में होने की वजह से उक्त भर्तियों पर अस्थाई तौर पर रोक लगी हुयी थी। इस वर्ष सवा सौ करोड़ से अधिक का लाभ अर्जित हुआ है। मृतक आश्रित भर्ती को शीघ्र सम्पन्न कराने के लिए शासन को बैलेंस सीट 30 सितम्बर तक भेजा जायेगा, उसके पश्चात शीघ्र ही मृतक आश्रित भर्ती का निस्तारण भी कर लिया जायेगा।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours