मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इकाना स्टेडियम में 36वें अखिल भारतीय एडवोकेट क्रिकेट टूर्नामेंट का किया शुभारंभ 

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जीत ही नहीं, हार भी देती है नए प्रोत्साहन के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणाः सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के इकाना स्टेडियम में 36वें अखिल भारतीय एडवोकेट क्रिकेट टूर्नामेंट का किया शुभारंभ 

अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित, कॉर्पस फंड को बढ़ाकर किया गया 500 करोड़ रुपएः सीएम योगी

अधिवक्ता की असमय मृत्यु पर परिजनों को दी जाने वाली डेढ़ लाख की राशि को बढ़ाकर किया गया 5 लाख रुपएः मुख्यमंत्री

ओजस्वी किरण डेक्स 

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार शाम लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेई इकाना स्टेडियम में 36वें अखिल भारतीय एडवोकेट क्रिकेट टूर्नामेंट का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीएम योगी ने देश भर से प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आए अधिवक्ताओं को खेल में टीम भावना के महत्व के बारे में नसीहत दी। उन्होंने कहा कि खेल हम सबको एक टीम की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। हमारे पास टीम वर्क की क्षमता है तो हमारी सफलता की गुंजाइश उतनी ही ज्यादा हो जाती है। लेकिन यदि हम टीम वर्क नहीं कर पा रहे हैं तो हमारे असफल होने की गुंजाइश भी उतनी ही ज्यादा हो जाती है। उन्होंने कहा कि हर जीत हमें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है, लेकिन हर हार भी हमारे सामने एक नया सबक होती है और हमें और भी नए प्रोत्साहन के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।

कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने प्रतियोगिता में प्रदान की जाने वाली ट्रॉफी का भी अनावरण किया। उन्होंने प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रही सभी टीमों के कप्तानों के साथ ग्रुप फोटो शूट भी कराया और उन्हें किट का भी वितरण किया।

बेंच और बार की मौजूदगी लोगों को देगी प्रेरणा

सीएम ने कहा कि खेल हम सबको जोड़ने का काम करता है और फिर जब यह आयोजन हमारे राज्य में हो तो हमारा नैतिक दायित्व भी बनता है कि हम इससे प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सहभागी बनें और इस आयोजन को प्रोत्साहित करें। और जब प्रतिष्ठित टीमें इसमें भाग ले रही हैं, जिसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से बेंच भी हो और बार भी हो, तो यह न केवल रोचक होता है, बल्कि लोगों को एक प्रेरणा भी देता है।

सही आंकलन का अवसर

सीएम योगी ने कहा कि सबसे पहले खेल एक टीम भावना के साथ हम सबको सम विषम परिस्थितियों से लडने की एक नई प्रेरणा देता है। दूसरा, ये मनोरंजन भी है और तीसरा अपने आप को आंकलन करने का अवसर भी प्रदान करता है। अक्सर हम सार्वजनिक जीवन में बड़ी-बड़ी डीगें हांकते हैं, लेकिन जब फैसला मैदान में हो तो सही आंकलन हो सकता है। ये आंकलन हमारी क्षमताओं के बारे में, शारीरिक और मानसिक क्षमता के बारे में जानने का अवसर देता है। उन्होंने कहा आज ओलंपिक हो या पैरालंपिक गेम्स, एशियाड हो या कॉमनवेल्थ गेम्स या वर्ल्ड चैंपियनशिप, इन सभी प्रतियोगिता में बहुत अच्छा प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। साथ ही जमीनी स्तर के खिलाड़ियों को इसमें आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रही सरकार

सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हमने ओलंपिक और पैरालंपिक्स में जिन खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया, देश के लिए मेडल जीते, उन सभी को गत सप्ताह ही भव्य समारोह में सम्मानित किया। आज प्रदेश का कोई खिलाड़ी यदि एकल गेम में ओलंपिक स्वर्ण पदक प्राप्त करता है तो हम उसे 6 करोड़ रुपए की राशि प्रदान करते हैं। अगर रजत प्राप्त करता है तो उसे 3 करोड़ की राशि प्रदान करते हैं। वहीं, अगर कोई कांस्य पदक जीतता है तो एक करोड़ रुपए की राशि उसे प्रदान की जाती है। टीम गेम में यह राशि 3 करोड़, डेढ़ करोड़ और 75 लाख रुपए है।

प्रदेश में खिलाड़ियों को मिल रही सीधी नियुक्ति

सीएम योगी ने कहा कि मेडल जीतने पर प्रोत्साहन के साथ ही हमने खिलाड़ियों के लिए सर्विस में स्पेशल व्यवस्था की है। गत वर्ष 2020 के टोक्यो ओलंपिक में हॉकी का कांस्य पदक जीतने पर टीम के सदस्य और उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी ललित उपाध्याय को सीधे प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्ति दी। इस बार हम राजकुमार पाल को भी सीधे नियुक्ति देने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने वाली एथलीट पारुल चौधरी को भी हमने डिप्टी एसपी नियुक्त किया है। अब तक प्रदेश सरकार ने 500 खिलाड़ियों को सीधी नियुक्ति दी है।

महिला अधिवक्ता टीम को भी मिले स्थान

सीएम योगी ने कहा कि अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए सरकार ने बहुत सारी घोषणाएं की हैं। अधिवक्ता कल्याण निधि की राशि को बढ़ाना भी शामिल है। प्रदेश में इसका कॉर्पस फंड ही 500 करोड़ रुपए का बना दिया है। अधिवक्ता की असमय मृत्यु पर उसके परिजनों को दी जाने वाली डेढ़ लाख की राशि को बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया गया है। अब तक हम 134 करोड़ रुपए अधिवक्ता कल्याण राशि से दिवंगत अधिवक्ताओं के परिजनों को वितरित कर चुके हैं। इसमें अधिकतम आयु की सीमा को भी 60 वर्ष से बढ़ाकर 70 वर्ष कर दिया है। उन्होंने अपील की कि अगली बार इस प्रतियोगिता में महिला एडवोकेट्स की टीम भी इस आयोजन का हिस्सा बननी चाहिए, क्योंकि महिलाएं हर क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही हैं।

इस अवसर पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ बेंच के सीनियर जज न्यायमूर्ति एआर मसूदी, न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा, न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान, अध्यक्ष ऑल इंडिया एडवोकेट्स क्रिकेट टूर्नामेंट आयोजन समिति वरिष्ठ अधिवक्ता एनके सेठ, सीआर संथल कृष्णन,जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, इलाहाबाद हाईकोर्ट के प्रयागराज और लखनऊ बेंच के न्यायमूर्ति उपस्थित रहे।

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