सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ 12 को देश व्यापी हड़ताल,
कृषि क्षेत्र में अमेरिका के आने से किसान दो वक्त की रोटी के लिए तरसेगा : अविनाश पाण्डेय
भारत के अन्नदाताओं को बचाने के लिए हड़ताल में समर्थन की अपील
ओजस्वी किरण ब्यूरो
लखनऊ। 0% आयात शुल्क पर अमेरिकी कृषि एवं डेयरी उत्पादों के लिये भारतीय बाजार खोल देना वस्तुत: खाद्यान्य के क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भरता को खत्म करेगा। इससे न केवल भारत के किसान बर्बाद होंगे बल्कि दूरगामी परिणाम यह होगा कि दो वक्त की रोटी के लिये हमे फिर अमेरिका के सड़े गेहूं लेने पड़ेंगे। यह बयान दिया है हिंद मजदूर सभा, उत्तर प्रदेश के मंत्री अविनाश पाण्डेय ने।
उन्होंने कहा कैसे अमेरिकी सस्ते अनाज और डेयरी उत्पादों से भारतीय बाजार भर जाएंगे। हम अपने किसानों के मंहगे उत्पाद के बजाय सस्ते अमेरिकी उत्पाद लेंगे (जैसे सस्ते होने के कारण हम चाइनीज औद्योगिक उत्पाद खरीदकर स्वदेशी उद्योगों को बंद करवा रहे)। किसान को खेती में लागत न मिलने पर वो खेती छोड़ने, पशुओं को कत्लगाह भेजने या खुले छोड़ने को मजबूर होगा।
श्री पाण्डेय ने कहा कि खेती की जमीन आने पौने पूंजीपतियों के हवाले हो जाएंगी जो उसका मनमाना उपयोग करेंगे।….और जब हम पूरी तरह अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों पर निर्भर हो जाएंगे, तो उनकी शर्तों और मूल्यों पर खरीदने को विवश होंगे। इससे बचने का एक ही रास्ता है कि हम संकल्प लें कि हम मंहगे भारतीय कृषि और डेयरी उत्पाद ही लेंगे, विदेशी नहीं भले ही वे मुफ़्त या कितने ही सस्ते क्यों न हों। श्री पाण्डेय ने कहा कि पर क्या हम ये कर पाएंगे करेंगे? और कब तक जाति और धर्म और क्षेत्रीयता के झगड़ों में उलझा कर हमे तिल तिल कर बेचा जा रहा, और हम सपने में विश्व गुरु बनकर जश्न मना रहे।
इसलिए अंध भक्ति की निद्रा छोड़िये, सरकार के गलत आर्थिक नीतियों के खिलाफ भारत और अपने बच्चों के भविष्य को बचाने के लिये 12 फरवरी की देश व्यापी हड़ताल को सफल बनाइये। हमे आपके सुझाव, समर्थन और सहयोग चाहिए।

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