डबल इंजन की सरकार कब करेगी पूरा निषाद आरक्षण का वादा : राम लौटन
ओजस्वी किरण ब्यूरों
लखनऊ। भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2012 के चुनाव घोषणा पत्र में वादा किया था कि निषाद मछुआ समुदाय की जातियों सहित नोनिया, लोनिया, चौहान,कुम्हार, राजभर, बियार, बंजारा आदि को अनुसूचित जाति में शामिल कराया जायेगा और निषाद समाज का परम्परागत अधिकार बहाल किया जायेगा।
5 अक्टूबर 2012 को मावलंकर ऑडिटोरियम में मछुआरों के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी व सुषमा स्वराज ने फिशरमेन विजन डाक्यूमेंट्स जारी करते हुए संकल्प लिया था कि 2014 में भाजपा सरकार बनने पर आरक्षण की विसंगतियों को दूर कर देश के निषाद मछुआरा जातियों को एससी/एसटी का स्टैटस दिया जायेगा।भाजपा सरकार बनने पर भाजपा निषाद मछुआ समुदाय के साथ वादाखिलाफी कर रही है।
मोहनलालगंज विधानसभा क्षेत्रांतर्गत गंगागंज में रामकुमार निषाद की अध्यक्षता व विनोद कश्यप के संयोजकत्व में आयोजित कश्यप-निषाद पंचायत को सम्बोधित करते हुए राष्ट्रीय निषाद संघ के राष्ट्रीय सचिव/प्रवक्ता चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि भाजपा निषाद, कश्यप, बिन्द, केवट, मल्लाह, मांझी, गोङिया समाज को रामभक्त, राम का मित्र बताकर वोट लेने के बाद निषाद समाज के साथ वादाखिलाफी व सौतेला व्यवहार करना शुरू कर दिया।
निषादों से किया वादा पूरा तो किया नहीं, सपा सरकार ने जो अधिकार दिया था, उसे भी सार्वजनिक कर छीन लिया।उन्होंने कहा कि भाजपा की डबल इंजन की सरकार निषादों से किया वादा कब पूरा करेगी। योगी आदित्यनाथ सपा पर निषाद आरक्षण छीनने की गलतबयानी कर रहे थे,अब क्यों नहीं निषाद समाज की जातियों को अनुसूचित जाति का आरक्षण व उनका परम्परागत पुश्तैनी अधिकार क्यों नहीं दिला रहे हैं।
निषाद कश्यप पंचायत को सम्बोधित करते हुए चौ.लौटनराम निषाद ने कहा कि मंडल कमीशन विरोधी भाजपा पिछङी जातियों की हितैषी नहीं हो सकती।
उन्होंने कहा कि मंडल कमीशन, उच्च शिक्षण संस्थानों में ओबीसी आरक्षण व यूजीसी रेगुलेशन एक्ट का विरोध भाजपा समर्थित संगठन ही किये व कर रहे,मुसलमान विरोध नहीं किये तो मुसलमान हमारे दुश्मन कैसे? उन्होंने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय के निषाद आरक्षण के सम्बन्ध में दी गयी प्रतिक्रिया को असंवैधानिक,असंसदीय व व्यंगात्मक बताते हुए कहा कि उन्हें न संविधान का ज्ञान है और न अनुच्छेद-340,341 व 342 की जानकारी है।
अनुसूचित जाति में उत्तर प्रदेश की 66 जातियाँ हैं,सभी चमार नहीं,और अनुसूचित जाति में शामिल होने पर निषाद,मल्लाह, केवट,बिन्द,धीवर,कश्यप,राजभर, प्रजापति चमार नहीं हो जायेंगी?उन्होंने कहा कि निषाद आरक्षण की कोख से उपजी निषाद पार्टी पारिवारिक हीत व सौदेबाजी के कारण निषाद समाज को आरक्षण तो नहीं दिलवा पायी,उल्टे 1994 में सपा सरकार ने मत्स्य पालन व बालू खनन पट्टा का जो अधिकार निषाद मछुआ समुदाय को दिया था,उसे भी छीनवा दिया और 5 अप्रैल की निषादराज व कश्यप ॠषि जयंती के सार्वजनिक अवकाश को खत्म करने पर चुप्पी साध लिया।25 जुलाई 2021 को सन ऑफ मल्लाह मुकेश सहनी व मेरे द्वारा 18 जिलों में वीरांगना फूलन देवी की 35-35 फीट ऊंची प्रतिमा लगवाई जा रही थी,जिसे संजय निषाद ने योगी आदित्यनाथ से मिलकर लगवाने से रोकवा दिया।संजय निषाद ने निषाद समाज को कुछ दिलवाया तो नहीं,नदियों की नीलामी सहित सभी परम्परागत अधिकारों को सार्वजनिक कराकर माफियाओं के हाथों नीलाम करा दिया।
राष्ट्रीय निषाद संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैलाशनाथ निषाद ने कहा कि संजय निषाद व ओमप्रकाश राजभर खुद नहीं चाहते कि निषाद व राजभर जाति को अनुसूचित जाति का आरक्षण मिले,अन्यथा इनकी सौदेबाजी व दुकानदारी खत्म हो जायेगी। प्रदेश महासचिव रमेश चंद्र निषाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 194-200 विधानसभा सीटों पर निषाद कश्यप बिन्द जाति निर्णायक है,परन्तु आज तक किसी दल ने 9 से अधिक टिकट न देकर राजनीतिक रूप से उपेक्षित किया है।
निषाद-कश्यप पंचायत को रामकेश बिन्द, मंगला प्रसाद निषाद, नीलम कश्यप, महेश कुमार कश्यप, सुशील कुमार निषाद, रामनरेश निषाद, राजाराम निषाद, धर्मेन्द्र कश्यप, शिमला प्रसाद गोङिया, रामेश्वर निषाद,शिवप्रसाद निषाद, रामनरेश गौङ आदि ने सम्बोधित किया।

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