ट्रेड डील नहीं बल्कि पेड डील है, देश के अन्नदाताओं के साथ खुला धोखा :लोकदल
भारत–अमेरिका कृषि डील के विरोध में जनपदों में डीएम को सौंपा गया ज्ञापन
ओजस्वी किरण ब्यूरों
लखनऊ। आज प्रदेश के सभी जनपदों में लोकदल एवं विभिन्न किसान संगठनों द्वारा भारत–अमेरिका कृषि डील के विरोध में जिलाधिकारी (DM) को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि यह कोई “ट्रेड डील” नहीं बल्कि “पेड डील” है, जो देश के अन्नदाताओं के साथ खुला धोखा है।
लोकदल अध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि यह समझौता किसानों के हितों को दरकिनार कर देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर करने और भारत को आर्थिक रूप से गिरवी रखने की साजिश है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस किसान-विरोधी डील को तत्काल निरस्त नहीं किया गया तो आंदोलन की आग और अधिक भयावह रूप लेगी।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के नेता वी.एम. सिंह तथा किसान नेता ऋषिपाल अम्बावता सहित 17 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से कहा कि यह डील भारतीय कृषि व्यवस्था को बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हवाले करने का प्रयास है। इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), स्थानीय मंडियों और छोटे किसानों के अस्तित्व पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा।
ज्ञापन के माध्यम से सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि अन्नदाता के सम्मान और अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यदि सरकार ने समय रहते इस डील को वापस नहीं लिया, तो किसान संगठन व्यापक और उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

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