सकारात्मक सोच से बढ़ती है रोगों से लड़ने की ताकत डॉ अलकादास
ओजस्वी किरण ब्यूरों
प्रयागराज।हार्टफुलनेस एजुकेशन के तत्वाधान में सोमवार को आर्य कन्या डिग्री कॉलेज में छात्राओं को ज्ञान के साथ ध्यान की परंपरा के महत्व से अवगत कराया गया। अध्यक्षता शासी निकाय के अध्यक्ष पंकज जायसवाल ने की। उन्होंने ‘करो योग, रहो निरोग” का संदेश देते हुए संयमित दिनचर्या और ध्यान को स्मरण शक्ति व प्रतिभा निखारने का प्रभावी माध्यम बताया। मुख्य अतिथि डॉ. अलका दास ने ध्यान को एकाग्रता और चिंतन शक्ति बढ़ाने का आधार बताते हुए कहा कि सकारात्मक सोच व्यक्ति को अनेक रोगों से बचाती है।
सकारात्मक सोच न केवल मानसिक शांति देती है, बल्कि यह शरीर को कई गंभीर रोगों से बचाने में एक ढाल की तरह काम करती है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों और चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि एक आशावादी दृष्टिकोण हमारी जीवन प्रत्याशा को बढ़ा सकता है और बीमारियों से रिकवरी की गति को तेज करता है। इस मौके पर प्रमुख रूप से प्राचार्या प्रो. अर्चना पाठक, डॉ. रंजना त्रिपाठी सहित बढ़ी संख्या में कॉलेज के छात्र मौजूद रहे।

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