ओम के जाप से होता है बौद्धिक एवं मानसिक विकास-तुलसी महाराज
ओजस्वी किरण ब्यूरों
प्रयागराज। भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) झलवा में श्रीमद् भागवत गीता पर व्याख्यान आयोजित किया गया।मिर्जापुर के संत तुलसी ने श्रीमद्भागवत गीता का रस पान कराते हुए बताया कि हर छात्र को ओम का जाप करना चाहिए, इससे बौद्धिक एवं मानसिक विकास होता है। इससे छात्र की क्षमता में अद्भुत विकास होता है। यदि पूरी श्रीमद् भागवत गीता का चार बार पाठ कर लिया जाए तो एक अदृश्य सत्ता हमारे साथ काम करने लगती है। उन्होंने कहा कि तुलसीदास ने भी रामचरितमानस में ईश्वर के नाम और ‘प्रणव’ (ओम) की महिमा का वर्णन किया है। इस पावन अवसर पर हांथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने कहा कि गीता का अध्ययन करने वाले व्यक्ति के साथ भगवान हमेशा सारथी की तरह रहते हैं। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्रों को निशुल्क यथार्थ गीता भेंट की गई।

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