लैपटॉप में बंद है अविमुक्तेश्वरानंद के कुकर्म का पिटारा- आशुतोष ब्रह्मचारी

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लैपटॉप में बंद है अविमुक्तेश्वरानंद के कुकर्म का पिटारा- आशुतोष ब्रह्मचारी

 ओजस्वी किरण संवाददाता 

प्रयागराज। वे सबूतों को मिटाने में जुटे हुए हैं इसलिए पुलिस को आरोपितों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करना चाहिए। यह बातें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बच्चों के यौन शोषण का आरोप लगाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने आज प्रेस वार्ता में कहीं।

यौन शोषण के मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद आज आशुतोष ब्रह्मचारी ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ पर्याप्त सबूत होने का दावा किया है।

उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद के कुकर्म का पिटारा लैपटॉप में बंद है। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद एवं उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के अलावा दो अन्य नाम का खुलासा करते हुए यौन शोषण में कई राजनीतिक पार्टियों के बड़े नेताओं एवं वीआईपी के शामिल होने का भी दावा किया। 

बुधवार को लोक निर्माण विभागके अतिथि गृह के सभागार में पत्रकारों से वार्ता के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी ने कहा कि दोनों पीड़ित लड़कों का सक्षम मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबन्द बयान, वीडियोग्राफी और मेडिकल जांच पूरी हो चुकी है। आरोप लगाया कि माघ मेला ही नहीं बल्कि आरोपियों से जुड़े अन्य आश्रमों में भी गुरुकुल में पढ़ने वाले नाबालिगों के साथ कई साल से यौन शोषण किया जाता रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से नाबालिगों को साजिश के तहत आश्रम में लाकर रखा जाता था। उन्होंने दावा किया कि पीड़ितों में करीब २० लड़के एवं महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने सबूतों से छेड़छाड़ करते हुए आलीशान भवन और स्वीमिंग पुल के सबूत को मिटाने का भी आरोप लगाया।आशुतोष ब्रह्मचारी ने पुलिस से अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को तत्काल गिरफ्तार करके जेल भेजने की मांग की है। उन्होंने आश्रम में करीब तीन से चार करोड़ रुपये का घोटाला करने का भी आरोप लगाया। कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर आठ से अधिक मुकदमे दर्ज है। इसमें चार पहले से दर्ज हैं, जबकि पांच मुकदमे मेरी शिकायत पर दर्ज हुए हैं। अभी तक पुलिस ने उनकी हिस्ट्रीशीट क्यों नहीं खोली है। उन्होंने काल डिटेल के आधार पर और सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा के एक बड़े नेता पर माघ मेला में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को धरने बैठे रहने के लिए उकसाने का आरोप भी लगाया है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने खुद पर लगे आरोपों को निराधार बताया। कहा कि किसी भी कोर्ट से उन्हें सजा नहीं हुई है। आरोप लगाया कि सपा सरकार में साजिश के तहत उन पर हिस्ट्रीशीट की काररवाई की गयी थी। कहा कि वर्ष २०१३ में मुजफ्फरनगर के हिन्दुओं के लिए आवाज उठाने पर साजिश के तहत मुकदमे दर्ज किये गये थे लेकिन, न्यायालय ने उनको दोषमुक्त कर दिया है। उन्होंने मथुरा के एक सपा नेता पर २५ लाख रुपये इनाम की घोषणा कर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। प्रदेश सरकार से आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर निशाना सााधते हुए उन्होंने कहा कि यदि वे हिस्ट्रीशीटर हैं, तो आरोपित पक्ष पूर्व में उनसे क्यों मिलता था और अपने आश्रम में बुलाकर क्यों सम्मानित करते थे। इससे जुड़ी फोटो भी उन्होंने दिखायी।

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