मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किसानों के हितों के लिए उठाए जा रहे अनेक कदम 

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किसानों के हितों के लिए उठाए जा रहे अनेक कदम 

प्रदेश के निजी शीतगृहों में आलू अथवा अन्य कृषि उत्पाद के भण्डारण की कोई समस्या नहीं 

 संचालित निजी शीतगृहों में 144.10 लाख मीट्रिक टन (74.88 प्रतिशत) आलू भण्डारण हो चुका है

वर्ष 2025 में बोये गए क्षेत्रफल के सापेक्ष लगभग 245 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ 

किसी प्रकार की समस्या होने पर सम्बन्धित जनपदीय उद्यान अधिकारी से सम्पर्क किया जा सकता है – उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह 

ओजस्वी किरण ब्यूरो 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी आलू उत्पादक राज्य है, जहां देश के कुल उत्पादन का लगभग 30 से 35 प्रतिशत आलू का उत्पादन होता है। प्रदेश में संचालित निजी शीतगृहों में 144.10 लाख मीट्रिक टन (74.88 प्रतिशत) आलू का भण्डारण हो चुका है। इस प्रकार अभी भी प्रदेश के निजी शीतगृहों में कुल भण्डारण क्षमता के सापेक्ष 48.33 लाख मीट्रिक टन (25.12 प्रतिशत) स्थान रिक्त है। ऐसे में प्रदेश के निजी शीतगृहों में आलू अथवा अन्य कृषि उत्पाद के भण्डारण की कोई समस्या नहीं है।

प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा शीतगृहों की संख्या एवं भण्डारण क्षमता में वृद्धि, किसानों को समय से उचित मूल्य दिलाने की व्यवस्था तथा कृषि निर्यात को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 6.98 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की बुवाई की जाती है। वर्ष 2025 में बोये गए क्षेत्रफल के सापेक्ष लगभग 245 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ है। वर्तमान में प्रदेश में 2207 निजी शीतगृह संचालित हैं, जिनकी कुल भण्डारण क्षमता 192.43 लाख मीट्रिक टन है।दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि प्रदेश के निजी शीतगृहों में आलू अथवा अन्य अधिकृत कृषि उत्पाद के भण्डारण में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने की स्थिति में सम्बन्धित जनपदीय उद्यान अधिकारी से सम्पर्क किया जा सकता है।

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