जमीन और उद्योगों के राष्ट्रीयकरण हेतु डान की अनोखी पहल

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जमीन और उद्योगों के राष्ट्रीयकरण हेतु डान की अनोखी पहल

ओजस्वी किरण संवाददाता 

दस हजार भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को जोड़कर मिशन 2027 की तैयारी

 

प्रयागराज। जमीन और उद्योगों के राष्ट्रीयकरण के साथ-साथ अस्पृश्यमुक्त भारत बनाने की संकल्पना के साथ प्रयागराज में काम कर रही एकमात्र संस्था डा. अम्बेडकर वेलफेयर नेटवर्क (डान) के तत्वाधान में यमुनापार की तहसील बारा विकासखण्ड जसरा स्थित ग्रामसभा छिड़िया में डान महिला कार्यकर्ताओं की एक बैठक की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए डा. अम्बेडकर वेलफेयर नेटवर्क (डान) के संस्थापक आईपी रामबृज ने बताया की देश की आजादी के 78 साल बाद भी यमुनापार स्थित भूमिहीन खेतिहर मजदूरो को जागरुक करते हुए बताया कि वर्तमान में केंद्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा की क्रमशः माननीय नरेंद्र मोदी और माननीय योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार चल रही है। चकबंदी के दौरान प्रत्येक ग्रामसभा में सैकड़ों बीघा के करीब बंजर, परती, ऊसर, सीलिंग और समाज कल्याण की जमीनें है किन्तु भूमिहीन खेतिहर मजदूरों में सरकार द्वारा अभी तक एक भी बिस्वा जमीन आवंटित नहीं की गई जबकि अनुसूचित जाति की बहुतायत में उप जातियां आज भी भूमिहीन है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति में आवासीय और कृषि कार्य का पट्टा करने के बाबत मिशन 2027 के तहत आगामी 26 नवम्बर 2025 को माननीय मुख्यमंत्री और आयुक्त राजस्व परिषद लखनऊ के आदेश का पालन कराने हेतु लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर अनिश्चित कालीन अनशन पर बैठने की तैयारी की जा रही है।

रामबृज ने बताया की जमीन और उद्योगों का राष्ट्रीयकरण के साथ-साथ भूमिहीनों में आवासी एवं कृषि कार्य के पट्टे हेतु यमुनापार की तहसील बारा और तहसील करछना की लगभग दस हजार भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को जोड़कर मिशन 2027 की तैयारी में जुट गए है जिसके लिए प्रतिदिन यमुनापार की तहसील बारा और करछना स्थित बहुजन बाहुल्य बस्तियों में कैडर बैठके की जा रही है।

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