भ्रामक सूचना एवं अफवाह फैलाने वालों पर करें कड़ी कार्रवाई :एस.पी.गोयल मुख्य सचिव

1 min read

परीक्षा को निष्पक्ष, नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता 

संवेदनशील जनपदों में रखी जाए विशेष निगरानी

भ्रामक सूचना एवं अफवाह फैलाने वालों पर करें कड़ी कार्रवाई :एस.पी.गोयल मुख्य सचिव

ओजस्वी किरण ब्यूरों लखनऊ

लखनऊ। मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ प्रवर अधीनस्थ सेवा(प्रा.) परीक्षा तथा ए.सी.एफ/आर.एफ.ओ सेवा(प्रा.) परीक्षा-2025 की तैयारियों की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने अपने संबोधन में कहा कि परीक्षा को निष्पक्ष, नकलविहीन और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी व्यक्तिगत निगरानी में परीक्षा केंद्रों पर आयोग के मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराएं। सभी जनपदों में परीक्षा के लिए आवश्यक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती व प्रशिक्षण समय पर पूर्ण हो जाए।
उन्होंने कहा कि सभी परीक्षा केन्द्रों पर सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील होने चाहिए। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने हेतु परीक्षा के दौरान एलआईयू और एसटीएफ की टीमें सक्रिय रहें। संवेदनशील जनपदों में विशेष निगरानी रखी जाए। प्रश्न पत्र लीक न हो और सही प्रश्न-पत्र परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचे, इसका विशेष तौर पर ध्यान रखा जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा की शुचिता को प्रभावित करने अथवा अनुचित साधनों प्रयोग की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं एवं उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। सोशल मीडिया पर निगरानी रखते हुए भ्रामक सूचना एवं अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के मूवमेंट के दृष्टिगत रेलवे और रोडवेज अधिकारियों को पहले से ही सतर्क कर दिया जाए। बारिश की स्थिति में भी अभ्यर्थियों को केंद्र तक पहुँचने में कोई परेशानी न हो। परीक्षा केन्द्रों पर तलाशी के लिए पर्याप्त संख्या में महिला एवं पुरुष कर्मी की तैनाती की जाए।
बैठक में बताया गया कि परीक्षा आगामी 12 अक्टूबर, 2025 को दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम सत्र सुबह 9.30 से 11.30 तक तथा द्वितीय सत्र 2.30 से 4.30 तक है। इसमें कुल 6,26,387 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। परीक्षा 75 जनपदों में कुल 1435 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होगी, जिसमें 248 सरकारी तथा 1187 वित्त पोषित विद्यालय हैं। सर्वाधिक परीक्षा केन्द्र प्रयागराज-67, लखनऊ-59, वाराणसी-49, मेरठ-42, गोरखपुर-41, कानपुर नगर-39, आगरा-39, मुरादाबाद-34, जौनपुर-34 व बरेली-34 बनाए गए हैं।
परीक्षा की निष्पक्षता एवं पारदर्शिता बनाये रखने के लिए एआई आधारित अलर्ट एवं रिस्पॉन्स व्यवस्था, बायोमेट्रिक सत्यापन एवं लाइव सीसीटीवी निगरानी जैसी नवीनतम तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। सोशल मीडिया पर सतत निगरानी रखने हेतु सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल स्थापित किया जाएगा। प्रवेश के समय डबल लेयर फ्रिस्किंग व्यवस्था (पुलिस एवं कार्यदायी संस्था) की जाएगी।
परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जनपद स्तर पर जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को नोडल अधिकारी-पुलिस, आयोग के अधिकारी को समन्वयी पर्यवेक्षक तथा आयोग के कार्मिक को सहायक पर्यवेक्षक नामित किया गया है।
बैठक में प्रमुख सचिव नियुक्ति एम. देवराज, सचिव गृह  मोहित अग्रवाल सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण आदि उपस्थित थे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत, सचिव अशोक कुमार बैठक में उपस्थित थे।

You May Also Like

More From Author

+ There are no comments

Add yours