फर्जी हस्ताक्षर से ट्रांसफर हुई करोड़ों की जमीन,चकबंदी निदेशालय की जांच में खुला फर्जीवाड़ा
ओजस्वी किरण ब्यूरो
प्रयागराज। सोरांव तहसील में फर्जी हस्ताक्षर से करोड़ों की जमीन का नामांतरण करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई सोरांव के उपजिलाधिकारी के निर्देश पर की गई है।इस मामले का खुलासा अभिषेक पटेल ने किया, जो फाफामऊ, सोरांव, प्रयागराज के निवासी हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनकी जमीन का नामांतरण फर्जी हस्ताक्षर के माध्यम से किया गया है। एसडीएम कार्यालय ने इस प्रकरण की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (नजूल) और मुख्य राजस्व अधिकारी, कलेक्ट्रेट प्रयागराज को पत्र भेजा था। इस मामले की जांच उपनिदेशक चकबंदी (प्रा.) चकबंदी निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा की गई।
चकबंदी निदेशालय की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि मूल पत्रावली पर किए गए हस्ताक्षर फर्जी थे। रिपोर्ट के अनुसार, 16 दिसंबर 1997, 27 फरवरी 1998, 20 अगस्त 1998 और 20 नवंबर 1998 को फर्द अहकाम पर किए गए हस्ताक्षर संबंधित अधिकारी के नहीं पाए गए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर, चकबंदी अधिकारी सोरांव, इलाहाबाद के न्यायालय में वाद संख्या 364 धारा 12 चकबंदी अधिनियम (मुन्नालाल बनाम कालीदीन, ग्राम फाफामऊ) से संबंधित पत्रावली के अहकाम पर फर्जी हस्ताक्षर करने वाले अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया।
सहायक चकबंदी अधिकारी यशवंत कुमार ने 28 फरवरी 2026 को इस संबंध में एक पत्र जारी किया। सोरांव थाना प्रभारी केशव वर्मा ने पुष्टि की है कि मुकदमा दर्ज कर मामले की आगे की जांच की जा रही है।

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