एसआरएन अस्पताल में आउटसोर्स सफाईकर्मी फिर हड़ताल पर

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एसआरएन अस्पताल में आउटसोर्स सफाईकर्मी फिर हड़ताल पर

कुछ दिन पूर्व भी सफाई कर्मियों ने किया था हड़ताल, वार्ड में मरीजों के पास फैली रही गंदगी

ओजस्वी किरण ब्यूरो 

प्रयागराज। होली पर्व आते ही घरों में खुशियां नाचने लगती हैं। गुझिया, पापड़, चिप्स, कचरी आदि के इंतजाम होने लगते हैं। हालांकि इस त्योहार में जेब भी अधिक ढीली होती है। ऐसे में स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) चिकित्सालय में आउटसोर्स पर कार्यरत 750 सफाई कर्मचारियों को क्या पता था कि होली पर मायूस होना पड़ेगा। कुछ दिन पूर्व भी वेतन को लेकर काम ठप किया था लेकिन अधिकारियों के आश्वासन पर माने थे। 

एजेंसी ने अब तक एसआरएन अस्पताल के आउटसोर्स पर कार्यरत सफाई कर्मियों का वेतन नहीं दिया है। दो माह का वेतन पहले से बाकी है। गुस्साए सफाई कर्मचारियों ने सोमवार को अस्पताल में हड़ताल कर दी है। सुबह की पाली में आए 250 कर्मचारियों ने ड्यूटी ज्वाइन की लेकिन काम नहीं किया। इससे अस्पताल में गंदगी फैली है, ट्रामा सेंटर से लेकर आपरेशन थियेटर और वार्ड में भी कचरा जगह-जगह पड़ा रहा।

स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय प्रयागराज मंडल में सबसे बड़ा अस्पताल है और यहीं पर अव्यवस्था है। सफाई कर्मचारियों को यहां आउटसोर्स पर नियुक्त किया गया है। पहले ए-वन एजेंसी ने इनकी नियुक्ति की थी। सफाई कर्मचारी पवन, कश्मीर कुमार, प्रदीप, पूजा, गुलाब कली और कमला आदि ने बताया कि एजेंसी ने 9700 रुपये वेतन देने और 2300 रुपये पीएफ खाते में जमा करने का वादा किया था।

एजेंसी बाद में बदल गई। अब राजधानी कंपनी इन्हीं कर्मचारियों से काम ले रही है। यह एजेंसी वेतन में कटौती कर रही है, पीएफ 1000 रुपये जमा करने की बात कही गई है। दो महीने से वेतन नहीं दिया गया, तीसरा माह शुरू हो चुका है और होली पर घर में फांकाकसी है।

कर्मचारियों ने सुबह छह बजे ही ड्यूटी ज्वाइन की और काम ठप कर दिया। संगीता, कमला, लालिमा, पूजा, पिंकी, राधा, सूरज, अनिल, सुनील, माेनू समेत सभी अन्य सफाईकर्मी एसआरएन अस्पताल में गेट के पास पहुंचकर एकत्रित हो गए। नारेबाजी की और कहा कि जब तक वेतन नहीं मिलेगा काम ठप रखेंगे।

अस्पताल के लगभग सभी वार्ड में कचरा फैला है। सफाई नहीं हुई। उन तीमारदारों के लिए ज्यादा परेशानी रही जिनके मरीज अपने से वाशरूम नहीं जा पा रहे हैं।

ज्ञात हो कि बीते 26 फरवरी को सफाई कर्मचारियों ने दो घंटे की हडताल करके चेतावनी दी थी। तब प्रमुख चिकित्साधीक्षक डाॅ. नीलम सिंह ने आश्वासन दिया था कि दो दिन में वेतन का भुगतान कराया जाएगा। महीना बीत गया, मार्च का दो दिन बीत गया फिर भी वेतन के लिए एजेंसी की उदासीनता के चलते सोमवार को सफाई कर्मचारियों ने काम ठप कर दिया।

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